पडरौना नगरपालिका में टकराव: अधिकार और सम्मान को लेकर सभासदों का धरना, बैठक बेनतीजा स्थगित

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प्रमोद रौनियार

पडरौना, कुशीनगर। पडरौना नगरपालिका परिषद में इन दिनों प्रशासनिक असंतुलन और आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। नगराध्यक्ष विनय जायसवाल और विभिन्न वार्डों से चुने गए सभासदों के बीच अधिकार, सम्मान और सहभागिता को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सभासदों को नगरपालिका भवन पर धरना और विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, एक ओर नगराध्यक्ष को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, वहीं दूसरी ओर सभासद भी अपने-अपने वार्डों के प्रतिनिधि हैं और उन पर विकास कार्यों की जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच समन्वय और संवाद की कमी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं।शनिवार शाम को बोर्ड की बैठक उपरांत स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बोर्ड की बैठक एएसडीएम की मौजूदगी में शुरू हुई और करीब पांच घंटे तक चली, लेकिन सभासदों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि नियमों के विरुद्ध प्रस्ताव पास कराने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया। धरना और विरोध प्रदर्शन में अमतुल्लाह अंसारी, विपिन सिंह, बलवंत, सौरभ सिंह, पीयूष सिंह, संजय चौधरी, क्यामुद्दीन, मैनुद्दीन, प्रमोद श्रीवास्तव और अरुण कुशवाहा समेत कई सभासद मौजूद रहे।

नगर के वरिष्ठ नागरिकों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह विवाद केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की परीक्षा है, जहां चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच संतुलन, सम्मान और अधिकारों की स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि आपसी मतभेद भुलाकर बातचीत के जरिए समाधान निकालें, ताकि नगर का विकास प्रभावित न हो।

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वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने सभासदों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “बोर्ड की बैठक नियमानुसार हो रही थी। कुछ सभासद दबाव बनाकर नियम विरुद्ध प्रस्ताव पास कराना चाहते थे, इसलिए बैठक स्थगित करनी पड़ी। सभासदों के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।” जनता अब इस विवाद के जल्द समाधान की उम्मीद कर रही है, ताकि पडरौना के विकास कार्यों की गति बनी रहे और प्रशासनिक कामकाज सुचारु रूप से चल सके।

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