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पडरौना : बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, नम आंखों से दी गई स्व. शंभू रावत को अंतिम विदाई
प्रमोद रौनियार
कुशीनगर। जनपद कुशीनगर के पडरौना नगर में आज शोक की लहर दौड़ गई, जब बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला सचिव एवं विधानसभा सचिव रहे स्वर्गीय श्री शंभू रावत जी की अंतिम यात्रा नम आंखों के बीच निकाली गई। नगर के ओंकार वाटिका से उठी उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और क्षेत्र के लोग शामिल हुए।
उनका अंतिम संस्कार खिरकिया घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान हर आंख नम थी और हर जुबान पर उनके सरल स्वभाव और सामाजिक योगदान की चर्चा थी। स्वर्गीय शंभू रावत के करीबी रहे राममिलन निगम ने भावुक होते हुए बताया कि रावत जी के कोई पुत्र नहीं था, लेकिन उनकी चारों बेटियों ने आज बेटे का फर्ज निभाते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की सभी जिम्मेदारियां पूरी कीं। यह दृश्य हर किसी के दिल को छू गया।
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी गीता देवी, जो एक प्रोफेसर हैं, ने पूरे साहस के साथ परिवार को संभाला। बड़ी बेटी पूजा पीएचडी की तैयारी कर रही हैं, दूसरी बेटी सोनाली हाई कोर्ट में वकालत कर रही हैं, जबकि अन्य दोनों बेटियां भी पढ़ाई में जुटी हैं और अपने पिता के सपनों को पूरा करने का संकल्प लिए हुए हैं। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि स्वर्गीय शंभू रावत की आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे। नगरवासियों ने उन्हें एक सच्चे समाजसेवी और सरल व्यक्तित्व के रूप में याद किया, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।

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