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एनटीपीसी और ट्रांसपोर्टिंग कंपनी की निष्क्रियता से आक्रोशित विस्थापित समिति ने कार्य किया ठप
केरेडारी, हजारीबाग,
झारखंड
केरेडारी प्रखंड के पेटो गाँव की विस्थापित प्रभावित कल्याण समिति ने 2-2 सड़क के किनारे हो रहे भूमि अधिग्रहण की क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर एनटीपीसी एवं ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। दोनों कंपनियों की लापरवाही और निष्क्रियता से आक्रोशित होकर समिति ने ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्य बाधित हो गया है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि 2-2 सड़क के किनारे भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित परिवारों को अब तक उचित क्षतिपूर्ति नहीं दी गई है। एनटीपीसी और ट्रांसपोर्टिंग कंपनी द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। समिति के लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि जब तक पूरी क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक ट्रांसपोर्टिंग का कार्य नहीं चलने दिया जाएगा।
प्रभावितों के अनुसार, सैकड़ों परिवार इस परियोजना से प्रभावित हैं, जिनकी भूमि पर बिना मुआवजे के कार्य कराया जा रहा था। यह विवाद पिछले कई महीनों से चला आ रहा है। गौरतलब है कि 2-2 सड़क का निर्माण एनटीपीसी की परियोजना से जुड़ा हुआ है, जिसमें ट्रांसपोर्टिंग कंपनी कार्य कर रही है। प्रभावितों का आरोप है कि कंपनियाँ कम लागत में कार्य कर लाभ कमा रही हैं, लेकिन उनके अधिकारों की अनदेखी कर रही हैं।
समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक पूर्ण मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक कार्य पुनः शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

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