सोनभद्र का जोगिया संगम—जहाँ प्रकृति की गोद में मिलती है ,सुरक्षा और आधुनिक संचार
लोगों ने किया जोगिया पिकनिक स्पॉट को विकसित करने की मांग, सोनभद्र को स्विटजरलैंड बनाने की उठी मांग
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
विंध्य पर्वतमालाओं के बीच बसा सोनभद्र जिला अपनी प्राकृतिक संपदा के लिए विख्यात है। इसी कड़ी में कोटा ग्राम पंचायत स्थित जोगिया बाबा पिकनिक स्पॉट एक ऐसे अनछुए रत्न के रूप में उभर रहा है, जो पर्यटन के आधुनिक मानकों—सुंदरता, सुरक्षा और संचार—पर खरा उतरता है। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने अब सुरम्य पहाड़ियों और पवित्र नदियों के इस संगम को सरकारी पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाने की मुहिम तेज कर दी है। जोगिया बाबा स्थल पर भारत की अति प्राचीन सोन नदी और प्रदूषण मुक्त कनहर नदी का मिलन होता है।

स्थानीय लोग इसे 'संगम' के रूप में पूजते हैं। सोन नदी का गौरवशाली उल्लेख रामचरितमानस में भी मिलता है। यहाँ स्थित जोगिया बाबा का मंदिर आदिकाल से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। कनहर नदी की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वच्छ पानी है, क्योंकि इसके तट पर कोई औद्योगिक शहर नहीं बसा है। नदी की गहराई घुटनों तक ही होने के कारण यहाँ तैराकी न जानने वाले लोग और बच्चे भी निडर होकर जल-क्रीड़ा का आनंद लेते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि प्राकृतिक पिकनिक स्थल मोबाइल नेटवर्क से कटे होते हैं, जिससे आपात स्थिति में मदद मिलना कठिन होता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अबाड़ी जैसे पिकनिक स्थलों की तुलना में जोगिया बाबा स्थल पर सभी प्रमुख टेलीकॉम टावर उपलब्ध हैं, जिससे पर्यटक अपने अनुभवों को तुरंत सोशल मीडिया पर साझा कर सकते हैं और अपनों से जुड़े रहते हैं। मान्यता और स्थानीय एकता का ही परिणाम है कि यहाँ आज तक लूटपाट या छेड़खानी जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। ग्रामीण एकजुट होकर पर्यटकों की सुरक्षा का ध्यान रखते हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ता निर्भय चौधरी और पूर्व प्रधान अवधेश कुमार राय ने इस स्थल के विकास के लिए हुंकार भरी है। जोगिया पिकनिक स्पॉट पर सामान्य दिनों में भी सैकड़ों पर्यटक पहुँच रहे हैं। यदि शासन इसे आधिकारिक दर्जा दे, तो यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खोलेगा। निर्भय चौधरी, पर्यावरण कार्यकर्ता जिलाधिकारी से मांग की गई है कि वे कोटा ग्राम सभा का दौरा कर इस स्थल की क्षमता का आकलन करें। पूर्व प्रधान अवधेश कुमार राय ने ग्राम पंचायत के माध्यम से सड़क और अन्य सुविधाओं के विस्तार में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
पर्यटन स्थल घोषित होने से यहाँ स्थानीय बाजार विकसित होगा, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सोनभद्र, जिसे देश के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने भारत का स्विट्जरलैंड कहा था, वास्तव में ऐसे ही स्थलों से अपनी पहचान बनाता है। जोगिया बाबा पिकनिक स्पॉट में वह सामर्थ्य है कि यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी जगह बना सके। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इस प्राकृतिक धरोहर को कब संवारता है।


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