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कोयला खदानों के बीच जान हथेली पर रखकर स्कूल जा रहे हैं मासूम, सुरक्षा के लिए एक भी गार्ड नहीं
केरेडारी, हजारीबाग,
झारखण्ड
केरेडारी जोरदाग मध्य विद्यालय अगर टोला के बच्चे रोज़ाना जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँचते हैं। स्कूल के आसपास फैली कोयला खदानों और वहाँ लगातार चल रही भारी वाहनों के कारण रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है अभिभावक हर दिन दहशत में बच्चों को स्कूल भेजते हैं, क्योंकि ज़रा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है।स्कूल जाने के लिए बच्चों को खदान क्षेत्र के पास से होकर गुजरना पड़ता है, जहाँ ट्रकों और डंपरों की तेज़ आवाजाही बनी रहती है।
कई जगह सड़क टूटी हुई है, धूल और गड्ढों से भरी है, जिससे फिसलने और गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। बारिश होने पर यह रास्ता कीचड़ में बदल जाता है, तब बच्चों के लिए पैदल चलना और भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के समय पर न तो ट्रैफिक नियंत्रण की कोई व्यवस्था है और न ही बच्चों की सुरक्षा के लिए एक भी गार्ड तैनात रहता नहीं है आसपास के लोगों को डर है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
अभिभावकों का आरोप है कि खनन कंपनी बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह हैं। वे कहते हैं कि जब खदान से कंपनी को करोड़ों की कमाई होती है, तो बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ता, स्कूल बस या कम से कम सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करना उनकी जिम्मेदारी बनती है। कई अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे खनन कंपनी तत्काल समाधान निकाले।
वे चाहते हैं कि स्कूल आने-जाने के समय खदान क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही सीमित की जाए, बच्चों के लिए सुरक्षित वाहन या वैकल्पिक मार्ग दिया जाए और स्कूल के पास स्थायी रूप से सुरक्षा गार्ड तैनात हों। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा की नियमित निगरानी हो, ताकि मासूम बिना डर के पढ़ाई कर सकें और किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका खत्म हो सके।

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