सात दिसंबर को मनाया जाएगा सशस्त्र सेना झंडा दिवस 

 डीएम ने लगाया प्रतीक झंडा, की सहयोग राशि प्रदान

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भदोही।
 
देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद सैनिकों और उनके परिजनों के सम्मानार्थ प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला सशस्त्र सेना झंडा दिवस इस वर्ष 07 दिसंबर 2025 को पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में भदोही में गुरुवार को कार्यक्रमों की शुरुआत की गई।
 
सशस्त्र सेना झंडा दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय की ओर से जिलाधिकारी शैलेष कुमार, अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य, तथा जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार को प्रतीक झंडा सम्मानपूर्वक लगवाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने स्वैच्छिक सहयोग राशि सैनिक झंडा फंड में प्रदान की और जनपदवासियों से भी बढ़-चढ़कर योगदान करने की अपील की।
 
सैनिक झंडा दिवस से प्राप्त धनराशि भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों, आश्रितों और शहीद परिवारों के कल्याण में व्यय की जाती है। यह राशि उन परिवारों के सहायतार्थ उपयोग में लाई जाती है, जिनके परिजन देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों द्वारा दिया गया हर योगदान किसी शहीद परिवार की मदद और उनके जीवन में संबल बनकर पहुंचता है।
 
उत्तर प्रदेश शासन ने वर्ष 2025 के लिए भदोही जिले को एक लाख रुपये का संग्रह लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य से विभिन्न विभागों, कार्यालयों और संस्थाओं को प्रतीक झंडे व कार झंडे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन झंडों की बिक्री से प्राप्त धनराशि सैनिक झंडा फंड में जमा कराई जाएगी।
 
जनपद के नागरिक अपना स्वैच्छिक अनुदान "सैनिक झंडा फंड" के खाते संख्या 10795005827, भारतीय स्टेट बैंक, शाखा केशवपुर सरपतहां में जमा कर सकते हैं। धनराशि नकद, अकाउंट पेई चेक, डाक द्वारा अथवा उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से भी जमा की जा सकती है। जमा करने के बाद रसीद सैनिक कल्याण कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
 
किसी भी जानकारी या सहायता हेतु जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, भदोही से मोबाइल नंबर 7839553212 पर संपर्क किया जा सकता है।जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सशस्त्र सेना झंडा दिवस को सफल बनाने और शहीद परिवारों की सहायता हेतु अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करें, क्योंकि यह योगदान राष्ट्रहित में एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है।
 
 

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