एसडीएम कोर्ट में फर्जी आदेश अपलोड, पेशकार सहित दो पर मुकदमा दर्ज

बभनगवा गांव का मामला, डीएम ने पेशकार को किया निलंबित

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लंभुआ (सुल्तानपुर)। राजस्व अदालत में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां भूमि श्रेणी परिवर्तन का मुकदमा लंबित होने के बावजूद तहसीलदार के पेशकार ने मिलीभगत से फर्जी आदेश कम्प्यूटर सिस्टम पर अपलोड करा दिया। मामले की जानकारी होने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम ने तत्काल पेशकार को निलंबित कर दिया, जबकि पेशकार व कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
 
मामला बभनगवा गांव का है। बंजर और नवीन परती भूमि के दो भूखंडों के श्रेणी परिवर्तन को लेकर एसडीएम कोर्ट में वाद दायर था। वादी के रूप में तहसीलदार के पेशकार शरद कुमार सिंह के साथ गंगा प्रसाद, अमित कुमार सिंह, मनभावती और राजेंद्र प्रसाद सिंह शामिल थे। आरोप है कि मुकदमा दायर करने के बाद पेशकार ने पत्रावली गायब कर दी। बीते वर्ष 16 जुलाई को तत्कालीन रीडर सौरभ कुमार रावत ने फाइल न मिलने और पक्षकारों की अनुपस्थिति पर वाद निस्तारित कर दिया।
 
इसी दौरान एक अन्य लंबित मुकदमे की याचिका संख्या का उपयोग करते हुए फर्जी आदेश तैयार कर कम्प्यूटर पर अपलोड करा दिया गया। मौजूदा रीडर मो. खालिद के अनुसार पेशकार शरद कुमार सिंह ने व्यक्तिगत लाभ के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर ध्रुव कुमार मिश्र के सहयोग से आईडी और पासवर्ड में छेड़छाड़ कर गलत आदेश अपलोड कराया।
 
गौरतलब है कि जिस पत्रावली पर फर्जी आदेश अपलोड हुआ, वह अभी भी अदालत में लंबित है। इसके बावजूद 15 फरवरी को न्यायालय को गुमराह कर परवाना भी निर्गत करा लिया गया। पूरे प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम ने पेशकार शरद कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। उधर, प्रभारी निरीक्षक संदीप राय ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
 

 

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