पंचतत्व में विलीन हुए शुभम ,सीएम योगी ने कानपुर पहुंच दी श्रद्धांजलि, बंधाया परिजनों को ढांढस

शुभम् के घर पहुंची भीड़ ने नम आंखों से दी विदाई, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

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कानपुर। यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने आज जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 25 अन्य लोगों के साथ गोली मारकर असमय मौत के घाट उतारे गये श्री शुभम द्विवेदी के कानपुर के महराजपुर स्थित हाथी गांव के पैतृक आवास पर पहुंचकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस भी बंधाया। 
 
सीएम योगी ने कहा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोक संतप्त परिजनों को यह अथाह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैंं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिस तरीके से आतंकवादियों ने मां-बहनों के सिन्दूर के साथ बर्बरता की है। उसी प्रकार से आतंकवादियों और उनके आकाओं को सजा जरूर मिलेगी। 
 
सीएम योगी ने यह भी कहा कि पहलगाम की घटना बताती है कि आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म पूछकर बहन-बेटियों के सामने उनके सिंदूर को उजाड़ा जाए, भारत के अंदर यह कतई स्वीकार्य नहीं है। मुख्य मंत्री ने कहा किपहलगाम की घटना बताती है कि आतंकवाद अब अपनी अंतिम सांस ले रहा ह लेकिन जाति और धर्म पूछकर बहन-बेटियों के सामने उनके सिंदूर को उजाड़ा जाए, भारत के अंदर यह कतई स्वीकार्य नहीं है। यहां उनके साथ विधान सभाध्यक्ष सतीश महाना , मंत्री राकेश सचान, सांसद रमेश अवस्थी सहित भाजपा के सभी विधायक नेता और पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों लोगं मौजूद रहे।
 

चाचा ने दी चिता को मुखाग्नि

आज यहां गुरुवार को जम्मू काश्मीर के पहलगाम में आतंकियों द्वारा 25 अन्य के साथ गोलीमार कर मौत के घाट उतारे गये शुभम को सैकड़ों लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अतिम विधाई दी। शुभम का अ्तिम संस्कार आज यहां महराजपुर के ड्योढी घाट पर किया गया। शुभम की चिता को मुखाग्नि उनके चाचा मनोज द्विवेदी ने दी और क्रिया कर्म श्रवण कुमार पंडा द्वारा कराया गया। 
 
इस मौके पर शासन, प्रशासन और लोगों को तांता लगा रहा। इससे पहले सीएम योगी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, सांसद रमेश अवस्थी समेत अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। शुभम का नाम हर जुबान पर था। राजनेता हों या नौकरशाह, व्यापारी, छात्र, संगठन, सभी शुभम की असामयिक मौत से गुस्से में हैं। एक ही बात जुबां पर थी, मौत का बदला लो।
 
 

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