बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, बिजली संकट ने भी बढ़ाई परेशानी

इस गंभीर समस्या को देखते हुए वार्ड 21 के सभासद शंकर प्रसाद यादव ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता डी. के. सत्संगी को अवगत कराया।

Swatantra Prabhat Reporters Picture
Published On

नगर क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित है शास्त्री नगर का यह मोहल्ला

चित्रकूट।
 
"शहर में रहकर भी गाँव जैसी हालत" — यह कहावत शास्त्री नगर के शोभा सिंह का पुरवा मोहल्ले पर पूरी तरह फिट बैठती है।
 
नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी के अधीन आने के बावजूद यह क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां के लोग बीते पंद्रह दिनों से नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं देख पाए हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पानी के लिए दिनभर परेशान रहते हैं, और किसी तरह दूर-दराज से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं।
 
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोहल्ले में पिछले 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा, जिससे पूरे मोहल्ले में हाहाकार मचा है। महिलाएं और बच्चे सुबह से ही बाल्टियां और डिब्बे लेकर पानी की तलाश में निकल पड़ते हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि लोग आसपास के मोहल्लों से पानी लाने को मजबूर हैं।
 
इस गंभीर समस्या को देखते हुए वार्ड 21 के सभासद शंकर प्रसाद यादव ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता डी. के. सत्संगी को अवगत कराया। उनकी पहल पर जल संस्थान के जेई को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने जाकर पेयजल संकट की पुष्टि की। हालांकि निरीक्षण हो चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
 
पानी की समस्या के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी इस मोहल्ले की एक और बड़ी परेशानी है। क्षेत्र की कई गलियों में आज तक बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। मजबूरी में लोग बांस-बल्ली के सहारे केबल बिछाकर बिजली की सप्लाई ले रहे हैं, जो कि बेहद खतरनाक है। हादसे की आशंका हर समय बनी रहती है।
 
शोभा सिंह का पुरवा भले ही नगर क्षेत्र में शामिल है, लेकिन इसकी हालत किसी ग्रामीण क्षेत्र से कम नहीं है। यहां आज भी सड़कों की हालत खस्ताहाल है, नाली सफाई नहीं होती, और न ही नियमित कूड़ा उठान होता है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि विद्युत विभाग और जल संस्थान की लगातार अनदेखी ने उनके जीवन को नारकीय बना दिया है।
 
मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में शीघ्र अति शीघ्र पेयजल और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो लोग प्रदर्शन और धरना देने को मजबूर होंगे।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें