नैतिक मूल्य

वसुधैव कुटुम्बकम भारत की वैश्विक धारणा और भावना

भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन केवल अपने परिवार या राष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने संपूर्ण मानवता को एक परिवार मानने की उदात्त दृष्टि प्रदान की है। उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य "वसुधैव कुटुम्बकम्" केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

संतोष से दूर, संकट के निकट : परिवार की बदलती कहानी

प्रो. आरके जैन “अरिजीत”जब संबंधों की जड़ें स्वार्थ की धूप में सूखने लगती हैं, तब सभ्यताओं का मौन पतन शुरू हो जाता है। भारतीय समाज उसी क्षरण से गुजर रहा है, जहाँ दिगंबर जैन दर्शन का गृहस्थ-धर्म—संतुलन...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को मिली महामंडलेश्वर की उपाधि

कानपुर। अपनी ओजस्वी वाणी, मधुर कथा शैली एवं आध्यात्मिक प्रवचनों से देशभर के श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करने वाले विख्यात कथावाचक राज ऋषि माधव मुकुंद महाराज को अंतरराष्ट्रीय संत ऋषि अखाड़ा द्वारा महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित किया...
ख़बरें  सांस्कृतिक और धार्मिक 

गायत्री साधना से जुड़कर मानव कल्याण का संदेश दे रही कलश यात्रा - अशोक शर्मा 

शुकुल बाजार अमेठी। क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति शक्ति कलश यात्रा यहां पहुंचकर जन-जन में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर किया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित यह...
आपका शहर  पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश 

संयम का कवच और क्रोध पर विजय का मार्ग

मनुष्य के जीवन में संयम का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल एक नैतिक गुण नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला आधार स्तंभ है। यदि व्यक्ति हर परिस्थिति में स्वयं को संयमित रख सकता है, तो वह वास्तव में...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

राम मय हो जीवन हमारा

प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश     सनातन संस्कृति में श्रीराम केवल एक ऐतिहासिक पात्र या धार्मिक प्रतीक मात्र नहीं हैं, बल्कि वे प्रत्येक भारतीय के लिए मर्यादा, आदर्श और मानवीय मूल्यों के शाश्वत स्रोत हैं। जब हम "राममय जीवन" की परिकल्पना करते हैं,...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय