अधिवक्ता हितों की प्रभावी पैरवी से चैंबर आवंटन की दरों एवं सुरक्षा निधि में ऐतिहासिक संशोधन।

नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबरों के आवंटन से संबंधित

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स्वतंत्र प्रभात। ब्यूरो प्रयागराज ।

दया शंकर त्रिपाठी 

प्रयागराज।इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबरों के आवंटन से संबंधित शुल्क एवं सुरक्षा निधि के विषय में अधिवक्ताओं की न्यायोचित चिंताओं को गंभीरता से उठाते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता के नेतृत्व में अधिवक्ता हितों की सशक्त एवं सकारात्मक पैरवी के परिणामस्वरूप चैंबर आवंटन की पूर्व निर्धारित दरों में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।

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मुख्य न्यायाधीश एवं चैंबर आवंटन समिति के अध्यक्ष के साथ हुई विस्तृत विचार-विमर्श बैठक तथा बार एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, सुझावों एवं अधिवक्ता समुदाय की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मासिक किराया एवं सुरक्षा निधि की राशि में उल्लेखनीय कमी किए जाने का निर्णय लिया गया है।

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संशोधित व्यवस्था के अनुसार, पूर्व में निर्धारित ₹2500 एवं ₹5000 प्रतिमाह के किराए को घटाकर अधिकांश श्रेणियों में ₹1500 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार सुरक्षा निधि की राशि में भी व्यापक राहत प्रदान करते हुए निर्धारित धनराशि को पर्याप्त रूप से कम किया गया है, जिससे युवा एवं नवोदित अधिवक्ताओं सहित समस्त अधिवक्ता वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

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यह निर्णय न केवल अधिवक्ताओं के आर्थिक हितों की रक्षा करेगा, बल्कि न्यायिक कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। बार एसोसिएशन ने प्रारंभ से ही यह स्पष्ट किया था कि चैंबर आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायसंगत एवं अधिवक्ता हितैषी होनी चाहिए तथा किसी भी अधिवक्ता पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं डाला जाना चाहिए।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद अधिवक्ता समुदाय के अधिकारों, सम्मान एवं कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हुए विश्वास व्यक्त करता है कि यह निर्णय न्यायालय एवं बार के मध्य सकारात्मक संवाद और समन्वय की उत्कृष्ट परंपरा को और सुदृढ़ करेगा।

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश कुमार द्विवेदी (के.के. द्विवेदी), उपाध्यक्षगण, संयुक्त सचिवगण, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता एवं सुझावों ने भी इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बार एसोसिएशन ने इस निर्णय हेतु मुख्य न्यायाधीश एवं चैंबर आवंटन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अधिवक्ता एकता, संवाद और लोकतांत्रिक प्रयासों की सार्थक सफलता बताया है।

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