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केवाल में ब्राह्मण समाज ने धूम धाम से मनाई भगवान परशुराम की जयंती
अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु जी के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव है। यह दिन ज्ञान, साहस और अन्याय के अंत का प्रतीक है।
कोन /सोनभद्र-
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा कोन द्वारा रविवार को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर के कोन थाना क्षेत्र के केवाल गाँव में भगवान परशुराम की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की प्रतिमा के विधि-विधान से गंगाजल द्वारा अभिषेक के साथ हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान को अंग वस्त्र, यज्ञोपवीत, तिलक चंदन अर्पित कर माल्यार्पण किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिससे पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।हवन और पूजा-अर्चना के उपरांत आरती की गई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम के आदर्शों और उनके जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला गया, जिससे लोगों को धर्म, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी ( पूर्व पुलिस क्षेत्राधिकारी ) ने कहा कि अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु जी के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव है।यह दिन ज्ञान, साहस और अन्याय के अंत का प्रतीक है। भगवान परशुराम को चिरंजीवी (अमर) माना जाता है, जिन्होंने अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना की थी।

इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के उपाध्यक्ष शशांक मिश्रा, सुशील चतुर्वेदी, अजय चतुर्वेदी, अनुपम त्रिपाठी ,सतीश तिवारी, विद्यानंद तिवारी, वाचस्पति त्रिपाठी , संजय चतुर्वेदी, संदीप, कृपानंद तिवारी, अमरेश पाण्डेय, दिलीप त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी हृदय निवास पाण्डेय साहित तमाम ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया और धार्मिक आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।


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