निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के विरोध में अभिभावकों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में 15 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई जा रही है

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प्रयागराज। निजी स्कूलों में लगातार बढ़ाई जा रही फीस के खिलाफ अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अभिभावक एकता समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष विजय गुप्ता के नेतृत्व में अभिभावकों ने जिलाधिकारी प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह को सौंपा।
 
ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। इस दौरान विजय गुप्ता ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए समान अधिकार होनी चाहिए, चाहे व्यक्ति गरीब हो या अमीर। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में 15 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई जा रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।
 
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा हर वर्ष पाठ्य पुस्तकों में बदलाव किया जाता है और अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से ही किताबें, कॉपियां, जूते-मोजे आदि खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इन वस्तुओं की कीमतें बाजार से अधिक होती हैं, जिससे आम परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई कराना मुश्किल हो रहा है।
 
प्रदेश महामंत्री प्रमिल केसरवानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर रोक लगाई जाए, शिक्षा के व्यवसायीकरण को समाप्त किया जाए और अभिभावकों को अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी शैक्षणिक सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता दी जाए। साथ ही पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए कम से कम 10 वर्ष का अंतर निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई।
 
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदीप श्रीवास्तव, मनीष गुप्ता, अतुल खन्ना, बृजेश निषाद, विकास अग्रहरि, विपिन गुप्ता, राहुल अग्रवाल, इमरान अली, बबलू मोहम्मद साहिल, सचिन पटेल और प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

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