खरीफ मौसम में उर्वरक की कालाबाजारी एवं अन्य उत्पादों की टैगिंग पर होगी कड़ी कार्यवाही

किसी भी दशा में उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए

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प्रतापगढ़। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए।
 
उन्होने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओ को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विक्रेता को अपने दुकान पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड तथा स्टॉक बोर्ड अवश्य लगाना होगा। आने वाले उर्वरकों की मात्रा तथा उसका विवरण स्टॉक रजिस्टर में लगातार एवं नियमित रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।
 
उर्वरकों की विक्री वितरण के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग, ओवर रेटिंग कालाबाजारी तथा तस्करी करते हुए जो भी विक्रेता पाया जाएगा के विस्द्ध उर्वरक अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्नित नियंन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगा। उर्वरकों की विक्री निर्धारित दर से अधिक दर पर करने अथवा यूरिया व अन्य उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पादों की टैगिंग दुकानदार द्वारा की जाने की स्थिति में इसकी लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा दूरभाष नं-7839882339 एवं 9793096573 पर दर्ज करा सकते है,
 
जिससे संबन्धित विक्रेता के विस्द दंडात्मक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।उन्होने किसानों से अपील किया है कि वे खरीफ सीजन की फसलों की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक खरीदें। खरीदते समय बिल अवश्य लें। यदि आपको किसी उर्वरक की गुणवत्ता पर संदेह है, तो तुरंत नजदीकी कृषि कर्मचारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में इसकी सूचना दें।

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