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खड्डा में पीपा पुल निर्माण अटका: गंडक के तेज बहाव और तकनीकी चुनौतियां बनी बाधा
शिवशंभु सिंह
खड्डा (कुशीनगर)। कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र में नारायणी (बड़ी गंडक) नदी पर भैंसहा घाट के पास पीपा पुल के निर्माण की संभावनाएं प्राकृतिक और तकनीकी कारणों से लगातार अटकी हुई हैं। यह पुल क्षेत्र के करीब 25 हजार से अधिक रेतावासियों के लिए आवागमन का मुख्य साधन माना जाता है। जानकारी के अनुसार, गंडक नदी के अनियंत्रित बहाव, अचानक बढ़ते डिस्चार्ज और जलस्तर में तेज उतार-चढ़ाव के कारण पीपा पुल का निर्माण और संचालन जोखिम भरा बना रहता है। कई बार पानी बढ़ने पर पुल का अगला हिस्सा झुक जाता है, जिससे बाइक और हल्के वाहनों का आवागमन बाधित हो जाता है।
हर साल बाढ़ के बाद पीपा पुल को दोबारा स्थापित करना और उसकी मरम्मत करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इसके चलते स्थानीय लोगों को लंबा रास्ता तय कर बिहार के रास्ते आवागमन करना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर लगातार पक्का पुल बनाने की मांग उठ रही है, लेकिन अब तक यह मांग आश्वासन तक ही सीमित नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हरिहरपुर, शिवपुरी, बालगोविंद छपरा समेत आसपास के कई गांवों के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और आवागमन की समस्या उनके लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
लोगों ने सरकार से स्थायी समाधान के तहत पक्का पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके।


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