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पुलिस ने एक नाबालिक बालिका को उसकी माँ के बजाय आरोपी को ही सौप दिया
सीडब्लूसी के अध्यक्ष ने माँगा स्पष्टीकरण
बस्ती। बस्ती जिले की पुलिस सुधरने का नाम नही ले रही है, कप्तान गंज थाना की पुलिस ने एक नाबालिक बालिका को उसकी माँ के बजाय आरोपी को ही सौपने का कार्य है, प्रकरण की जानकारी एवं शिकायत मिलने पर सीडब्लूसी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने थानाध्यक्ष कप्तान गंज एवं मामले के विवेचक को न्याय पीठ के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है। स्पष्टीकरण संतोष जनक नही होने पर विधिक कार्यवाही अमल में लाने की बात पत्र में कही है।
जानकारी के अनुसार उक्त थाना क्षेत्र के एक ग्राम की निवासनी बालिका की माँ ने थाने पर प्रार्थना पत्र देकर बताया की मेरी बेटी 7 फरवरी को कॉपी किताब खरीदने के लिए बता कर बाजार गयी और घर वापिस नही आयी, 8 फरवरी को मुकामी पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बालिका की खोज बीन शुरू कर दिया, 22 फरवरी को बालिका की माँ को बालिका के थाने पर आने की जानकारी हुई, उसने थाने पर पहुंच कर देखा की उसकी बेटी ने शादी कर लिया है, इस बात से नाराज होकर माँ ने अपनी बेटी को घर ले जाने से इंकार कर दिया,
पुलिस ने बालिका एवं उसकी माँ की काउंसलिंग करने और सीडब्लूसी के समक्ष प्रस्तुत करने के बजाय आरोपी से ही साठ गांठ करते उसे आरोपी के साथ ही थाने से भेज दिया गया, मामले में नया मोड़ तब आया जब इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन को हुई, बालिका की माँ ने चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी बेटी के गायब होने की सूचना दे रखी थी, जब चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ता के द्वारा उसकी माँ से बात की गयी तब उसने बताया की उसकी बेटी को पुलिस ने बरामद करने के बाद आरोपी को ही सौंप दिया है,
चाइल्ड लाइन के द्वारा जब बालिका को सीडब्लूसी के सामने पेश करने की बात हुई तब पुलिस ने उसकी माँ को 25 फरवरी को थाने बुला कर कहा गया की बेटी को बस्ती लेकर चलना है और अगर बेटी को अपने साथ नही ले जाओगी तो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया जायेगा। बालिका की माँ ने न्याय पीठ के समक्ष लिखित शिकायत में कहा है की 22 फरवरी से 25 फरवरी तक मेरी नाबालिक पुत्री को पुलिस के द्वारा उसके अपहरण के आरोपी के घर पर ही रखा गया, मेरा मुकदमा तो पुलिस ने दर्ज कर लिया लेकिन मुझे एफ आई आर की कॉपी तक नही दी गयी।
प्रकरण की शिकायत मिलने पर न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, सदस्य संतोष श्रीवास्तव, सदस्य मंजू त्रिपाठी की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष कप्तान गंज एवं विवेचक को पत्र भेज कर स्पष्टिकरण माँगा है, इस बारे मे पूछने पर चेयर पर्शन प्रेरक मिश्रा ने कहा की इस प्रकार के मामले में बालिका एवं परिजन के बीच तनाव हो ही जाता है लेकिन काउंसलिंग के बाद यह समस्या समाप्त भी हो जाती है, पुलिस को बालिका को किसी भी परिस्थिति में आरोपी को नही देना चाहिए,यह सभी दृष्टि से गलत है। स्पष्टीकरण संतोष जनक नही होने पर संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।


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