सोनभद्र अवैध गैस सिलेंडरों के काले कारोबार पर पुलिस का प्रहार, ओबरा में भारी हड़कंप

पुलिस की छापामारी से अबैध कारोबारियों के उड़े होश, पुलिस की पैनी नजर

अजित सिंह / राजेश तिवारी Picture
Published On

ब्यूरो रिपोर्ट

सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-

जनपद के ओबरा थाना क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी से अवैध कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गई है। ओबरा पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र की कुछ दुकानों में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण और बिक्री की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एक दुकान से लगभग 32 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इन सिलेंडरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

IMG_20260319_184730

नैनी पुलिस ने चोरी के मामले में वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार Read More नैनी पुलिस ने चोरी के मामले में वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार

इस छापेमारी के पीछे सबसे मुख्य कारण उपभोक्ताओं का शोषण था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार अवैध कारोबारी एक सिलेंडर के लिए 3,500 से 4,000 रुपये तक वसूल रहे थे। जरूरतमंद लोगों से निर्धारित सरकारी रेट से कई गुना अधिक कीमत वसूली जा रही थी।

लेखपाल पर अवैध कब्जा कराने का आरोपः जांच, कार्रवाई की मांग़  Read More लेखपाल पर अवैध कब्जा कराने का आरोपः जांच, कार्रवाई की मांग़ 

IMG_20260319_184820

चिकित्सकों  की मांग को लेकर राष्ट्रीय  नव निर्माण संघर्ष समिति ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, लोगों ने दिया भरपूर समर्थन Read More चिकित्सकों की मांग को लेकर राष्ट्रीय नव निर्माण संघर्ष समिति ने चलाया हस्ताक्षर अभियान, लोगों ने दिया भरपूर समर्थन

रिहायशी इलाकों में बिना सुरक्षा मानकों के सिलेंडरों का भंडारण किए जाने से बड़े हादसे का खतरा भी बना हुआ था। ओबरा पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया। छापेमारी की खबर मिलते ही अवैध रूप से छोटे सिलेंडरों में गैस भरने वाले कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी सूरत में कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गैस रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें