लक्ष्मी जी  मेहरबान  तो क्या  करे  चौकी प्रभारी  कुकुरा 

धोखाधड़ी  और जालसाजी  कर जमीनें  हड़पने वाले  संगठित  गैंग  की ताल पर थिरकते  नजर  आ रहे  चौकी प्रभारी  कुकुरा, अपराधियों  से  सांठगांठ के  चलते   क्षेत्र  में  व्यापक स्तर पर  फल फूल  रहा  मादक पदार्थों  ,कच्ची शराब का काला  कारोबार

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लखीमपुर खीरी- भले ही  उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया  सख्त   फरमान जारी कर  फर्जी जांच रिपोर्ट  लगाने  वालों पर  कार्रवाई की जाएगी  के आदेश जारी कर रहे हों  और  भू माफ़िया  लोगों  पर कठोर कार्रवाई की बाते  कर रहे  हों  लकिन जनपद खीरी  के थाना मैलानी  की  चौकी  कुकुरा  पर तैनात  चौकी प्रभारी   के लिए शायद  यह आदेश कोई मायने ही न रखते  हों।चौकी प्रभारी द्वारा  मुख्य मंत्री  पोर्टल पर की जाने वाली शिकायतों  के निस्तारण  में  नजराना लेकर   भ्रामक  आख्या  लगाने  के  लिए जाने जाते हैं   साहिब  के लिए  नियम-कानून से  पहले  आरोपियों  का ध्यान रखना प्राथमिकता का सबाल बना है  ऐसे आरोप कई शिकायत कर्ता  गणों  द्वारा  लगाये  जा रहे हैं।
 
ऐसा ही एक मामला  हाल ही में  प्रकाश में आया है  जिसमें भी सहाब ने धोखाधडी के नामजद आरोपियों से  मनमानी  सुविधा शुल्क   बसूल  कर  आरोपियों को अभयदान  देने की नीयत से  फर्जी  आधारहीन   भ्रामक जांच  रिपोर्ट  लगा  दिए जाने के आरोप  लगाये गये  हैं   जांच रिपोर्ट में कहा गया है  कि तहसील दार के यहां से अनुतोष  प्राप्त  करे  अवैध  कब्जा  नहीं है   जीवित व्यक्ति को मृतक  दिखाना , फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी  करना, फर्जी परिवार रजिस्टर  तैयार करना, तहसीलदार न्यायालय में झूठी गवाही देना  झूठा  बयान  देना  प्रथम  दृष्टया  अपराध नहीं है? 
 
शायद चौकी प्रभारी कुकुरा  का अपना कोई  अलग संविधान  हो जिसमें यह अपराध  नहीं  हो। जबकि शिकायत कर्ता के  प्रतिनिधि  द्वारा  कोर्ट में  दिए गए झूठे  बयान  पिंकी देवी के  और जगन्नाथ तथा दर्शन की प्रमाणित प्रति दी गई थी  इसके साथ-साथ  फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र  की छाया प्रति   और  बांके गंज के  खंड बिकास अधिकारी  द्वारा दिए गए  सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत  जानकारी की छाया प्रति  के साथ साथ  पिंकी देवी के  पिता और भाई की वोटर लिस्ट की छाया प्रति  सहित  परिवार रजिस्टर नकल की छाया प्रति  बतौर साक्ष्य  दी गई थी।इसके बाद भी  फर्जी जांच रिपोर्ट लगाया जाना  चौकी प्रभारी  की   खाउ कमाऊ  नीति  की पोल खोलने को काफी है   यह पहली घटना नहीं है  इससे पहले  पत्रकार  विजय मौर्या द्वारा  खेल मैदान की खबर चलाने पर  भू माफिया  के द्वारा  जान से मारने की धमकी दी गई थी  जिसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी गयी  साहिब ने मामले की जांच  किए बगैर ही  विपक्षी  से 2000 रुपये  लेकर मामले में फर्जी  मनमानी रिपोर्ट लगा कर शासन  प्रशासन को गुमराह कर दिया गया।
 
तीसरा मामला  भी जटपुरा  का है  जहां पर  खेल मैदान पर  अवैध कब्जा कर  मकान  बना रहे शाहिल उर्फ़ शाहिद हुसैन  पुत्र  सौकत अली  पर  तहसीलदार  के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया  था  जिसमें  गिरफ्तारी  होने के बावजूद  साहब ने  धन बल  की दम पर  गिरफ्तारी नहीं की गई  और  चौकी से छोड़ दिया गया  ऐसी जानकारी  विश्वस्त  सूत्रों द्वारा मिली है  । शायद चौकी प्रभारी साहिब  के  सामने  न्यायालय और  कानून  कोई मायने ही न रखते हों।यह इनके कारनामों की  महज बानगी भर है।कई अन्य  मामले भी आयेंगे  सामने  ।
 
सूत्रों के बताए अनुसार    चौकी क्षेत्र में  बड़े स्तर पर कच्ची शराब का काला कारोबार  फल फूल  रहा है  साहब को ही नहीं बड़े साहिब से लेकर और ऊपर तक जाने की  बात सामने आई  है।पीड़ित हरिराम ने मामले को लिखित शिकायत  साक्ष्यों समेत  पुलिस अधीक्षक  खीरी  सहित  डी  जी. पी उत्तर प्रदेश  आई  जी  .जोन  लखनऊ  से कर  फर्जी जांच रिपोर्ट लगाने वाले  उप निरीक्षक के खिलाफ  कार्रवाई  किए जाने तथा  फर्जी प्रमाणपत्र ,मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर बनानेवाले  लोगों  और फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल   प्रधान रामकिशुन के  खिलाफ  मुकदमा दर्ज कराए जाने की माँग की है।

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