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सहजनवां में किशोरी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म के हवाले करने वाली महिला और युवक पर केस,
सहजनवा थाना में दर्ज हुआ मुक़दमा ,महिला के कृत से आक्रोश
रिपोर्टर- जणेश्वर मिस्र( सहजनवां तहसील)
सहजनवां गोरखपुर: सहजनवां थाना क्षेत्र के एक निहायत शांत गांव में एक ऐसी जघन्य और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जो किसी भी संवेदनशील इंसान के रोंगटे खड़े कर दे। एक नाबालिग किशोरी को एक विश्वासघाती महिला ने लंबे समय से चल रहे संबंधों का फायदा उठाते हुए बहला-फुसलाकर दूसरे गांव में एक युवक के शैतानी चंगुल में फंसा दिया। युवक ने किशोरी के साथ बर्बर तरीके से दुष्कर्म किया और जब उसकी हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई तो निर्दयी आरोपी उसे तड़पता छोड़कर वहां से फरार हो गया। किसी तरह जान बचाकर घर लौटी पीड़िता किशोरी ने परिवार को पूरी घटना बताई तो माहौल सन्नाटे में बदल गया।
घटना की जानकारी के अनुसार, सहजनवां थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी के घर एक महिला सविता का लगातार आना-जाना लगा रहता था। महिला ने धीरे-धीरे किशोरी पर अपना प्रभाव जमाया और उसे तरह-तरह की लालच देकर अपने जाल में फंसाया। एक दिन महिला ने किशोरी को चालाकी से बहकाकर दूसरे गांव भरोहिया ले जाने का प्लान रचा। वहां रहने वाले युवक चंद्रभान जायसवाल के पास पहुंचाकर किशोरी को उसके हवाले कर दी।
आरोपियों पर आरोप है कि युवक चंद्रभान ने किशोरी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। किशोरी के विरोध करने पर भी उसने एक नहीं सुनी और जघन्य दुष्कर्म को अंजाम दिया। दुष्कर्म के बाद किशोरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसकी हालत देखकर आरोपी युवक घबरा गया और पीड़िता को वहां अकेला छोड़कर भाग खड़ा हुआ। घायल और बेहाल किशोरी ने अंधेरा होते हुए भी हिम्मत नहीं हारी। वह किसी तरह पैदल या साधन से अपने गांव पहुंचने में सफल हुई और रो-रोकर परिवार वालों को सारी घटना सुना दी।
इस घटना से पीड़िता का परिवार टूट गया। बेटी के साथ हुए इस अत्याचार से पिता का खून खौल उठा। उन्होंने तुरंत सहजनवां थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष महेश चौबे को विस्तृत तहरीर दी। पिता ने न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
थानाध्यक्ष महेश चौबे ने बताया कि पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी चंद्रभान जायसवाल निवासी भरोहिया और सहयोगी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) तथा अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में किशोरियों की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान लगाती है। गांव वालों में काफी आक्रोश है। लोग सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में सक्रियता दिखाई है।

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