श्रीराम कथा में राम जन्म प्रसंग सुन झूमे श्रद्धालु

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सिद्धार्थनगर, भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव के राम जानकी मंदिर परिसर पर आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। श्रीधाम वृंदावन से पधारी कथावाचिका  देवी ज्योति किशोरी ने प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के जन्म की दिव्य कथा का अत्यंत भावपूर्ण और विस्तार से वर्णन किया। कथा सुनते ही पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और बार-बार ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे।
 
कथावाचिका देवी ज्योति ने बताया कि जब अयोध्या नरेश राजा दशरथ के यहां चारों पुत्रों का जन्म हुआ तब संपूर्ण अयोध्या नगरी आनंद और उत्सव में डूब गई। देवताओं ने पुष्पवर्षा की, गंधर्वों ने गायन किया और धरती पर धर्म की विजय का संदेश फैल गया। उन्होंने कहा कि प्रभु राम का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और करुणा के अवतरण का प्रतीक है। भरत त्याग की, लक्ष्मण सेवा की और शत्रुघ्न कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देते हैं।
 
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही चारों भाइयों के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल तालियों और जयकारों से गूंज उठा।भगवान श्री राम की आरती मुख्य अतिथि जिला पंचायत  सदस्य अमर यादव के द्वारा की गई। इस दौरान आचार्य दुर्गेश शुक्ल, मनीष गुप्ता,विनय तिवारी,सचिन तिवारी,शिवा विश्वकर्मा,लक्ष्मी नारायण ,उर्दू बाबा,राजेंद्र यादव,अनिल त्रिपाठी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

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