विद्युत संविदा कर्मियों का हल्ला बोल: ₹25,000 वेतन और नियमितीकरण की मांग, छंटनी होने पर कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी

लखनऊ में आयोजित कार्यकारिणी बैठक में विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने राज्य सरकार के समक्ष रखीं अपनी प्रमुख मांगें 

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लखनऊ- राजधानी लखनऊ के नरही स्थित केंद्रीय कार्यालय में रविवार को नवल किशोर सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश की कार्यकारिणी बैठक में संविदा कर्मियों के हितों को लेकर हुंकार भरी गई, जिसमें संरक्षक आर.एस. राय और प्रदेश प्रभारी पुनीत राय समेत कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की गई कि ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स कर्मचारी निगम में शामिल किया जाए, जोखिमपूर्ण कार्य के बदले अकुशल श्रमिकों को ₹22,000 व लाइनमैन/एसएसओ/कंप्यूटर ऑपरेटर को ₹25,000 मासिक वेतन दिया जाए, और 5 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों को नियमित सेवा में समायोजित कर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष निर्धारित की जाए।

इसके साथ ही संगठन ने मार्च 2023 की हड़ताल के दौरान हटाए गए कर्मियों की पुनर्बहाली, फेशियल अटेंडेंस व्यवस्था की समाप्ति, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और दुर्घटना बीमा राशि को बढ़ाकर ₹20 लाख करने पर जोर दिया, साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यदि प्रदेश के किसी भी जिले में कर्मियों की छंटनी की गई, तो संगठन वहां लोकतांत्रिक तरीके से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर विचार करेगा।

इस दौरान बैठक में संगठन के संरक्षक व वरिष्ठ मजदूर नेता आर.एस. राय, अरुण कुमार, राजेश्वर सिंह, सुनील सिंह, अशोक पाल, संजय सिंह, धनंजय राजभर, श्याम नारायण यादव, आनंद सिंह, विपिन विश्वकर्मा, सोहन मौर्य, प्रियांशु सिंह समेत भारी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।

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