श्रीरामचरितमानस जीवन का आधार : देवी ज्योति किशोरी
सिद्धार्थनगर, भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव स्थित राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन शुक्रवार शाम को कथावाचिका देवी ज्योति किशोरी ने रामचरितमानस की महिमा पर भावपूर्ण प्रवचन दिया। कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कथावाचिका ने कहा कि रामचरितमानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह महाकाव्य सभी वर्गों के लिए सरल, सरस और कल्याणकारी है। इसमें वर्णित आदर्श, मर्यादा, त्याग, सेवा और समर्पण की भावना आज भी समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि मानस का नियमित पाठ मन को शुद्ध करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। भगवान श्रीराम के चरित्र को सत्य और कर्तव्य का आदर्श बताते हुए उन्होंने माता सीता को त्याग व मर्यादा तथा लक्ष्मण व हनुमान को सेवा और भक्ति का प्रतीक बताया।
कथा के दौरान बालकांड और अयोध्या कांड की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रामचरितमानस का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक है। कथा श्रवण हेतु आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान आयोजन समिति के व्यवस्थापक मनीष गुप्ता आचार्य दुर्गेश शुक्ल,विनय तिवारी,अनिल तिवारी, विश्वभर तिवारी, राजेन्द्र यादव,झब्बू तिवारी,जग्गन बरुण, गुरुदेव प्रसाद,शिव प्रसाद, सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे ।

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