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कोन क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भीड़, हर-हर महादेव से गूंजा शिवालय
कोन क्षेत्र के शिवालयों में हर हर महादेव गूंज, भक्तों ने किया पूजा पाठ
ब्यूरो रिपोर्ट
कोन / सोनभद्र -
आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का महापर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल की गूंज सुनाई पड़ रही है। हर हर महादेव की गूंज से पूरा शिवालय गूंज उठा। शिव मंदिरों में भोले शंकर को जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ सुबह से ही देखी गई। बाबा भोलेनाथ को दूध, बेलपत्र व धतूरा व फूल चढ़ाया गया । मंदिरों के बाहर दूध, बेलपत्र व धतूरा व फूल-माला की दुकानें भी लगी हुई है।

भक्त इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं और मंत्र जाप, आरती व रुद्राभिषेक करते हैं। चारों पहर की पूजा अलग-अलग शुभ मुहूर्त में की जाती है, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। महाशिवरात्रि पर शिव मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र और शिव आरती का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है। सर्वार्थसिद्धि योग में की गई साधना को विशेष फलदायी माना गया है।
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इसी तरह कोन क्षेत्र के रोरवा शिव मन्दिर में सुबह से ही घंटा-घड़ियाल की गूंज सुनाई पड़ी और हर हर महादेव की गूंज से पूरा शिवालय गूंज उठा। शिव मंदिरों में भोले शंकर को जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ सुबह से ही देखी गई। बाबा भोलेनाथ को दूध, बेलपत्र व धतूरा व फूल चढ़ाया गया ।बतातें चले कि इस मंदिर का निर्माण कई दशक पूर्व हुआ था यहाँ लोग काफी दूर दूर से पूजा करने आते हैं।

जिसके क्रम में मंदिर के पूर्व प्रबंधक दिलीप कुमार त्रिपाठी, लालबिजौरा निवासी ने बताया कि रोरवा का यह नर्वदेश्वर पंचेश्वर शिव मन्दिर का निर्माण लालबिजौरा निवासी स्व. शिवदयाल त्रिपाठी पुत्र बसंत त्रिपाठी के द्वारा लगभग 300वर्ष पहले सुर्खी, चूना ईट से निर्माण कराया गया है!इस मन्दिर की ऊचाई व नकाशी व भव्यता के समान अभी तक अगल बगल 100 किलोमीटर की दूरी में कोई भी मन्दिर नही हैं। जहाँ पर दूर दूर से लोग देखने को आते है।

अपना दल के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह द्वारा 12 घंटे का अखंड कीर्तन कराया गया जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी सोनभद्र के पूर्व उपाध्यक्ष विनयकांत चतुर्वेदी ,ब्लॉक अध्यक्ष मदन गुप्ता वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण दास गुप्ता, बीएसपी पूर्व लोकसभा प्रभारी विकलेश भारती, प्रतीक गुप्ता सूर्य देव यादव, पूर्व प्रधान उदय चंद सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। अंत में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मदन गुप्ता ने महाशिवरात्रि की सभी श्रद्धालुओं व क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इसी तरह ग्राम पंचायत कुड़वा के पांडव चट्टान स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार जब पांडव वनवास काल में यहाँ भीषण गर्मी में आए थे, तब द्रौपदी को बहुत जोर की प्यास लगी थी। कहीं पानी न पाकर भीम ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए एक चट्टान पर जोर से प्रहार किया (या अपने गदा से चोट की), जिससे वहां से पानी की धारा फूट पड़ी।
चट्टान से निकली धाराः माना जाता है कि उस चट्टान सेनिकली धारा से द्रौपदी और पांडवों की प्यास बुझी। यहाँ के स्थानीय लोग आज भी उस स्थान को पवित्र मानते हैं।प्रागैतिहासिक शैलचित्रों और 'पांडव चट्टान' के रूप में प्रसिद्ध स्थान, महाभारत के वनवास काल के दौरान पांडवों के यहां से गुजरने या रुकने की कहानी को स्थानीय आस्था के रूप में जीवंत रखते हैं और यही से पांडु नदी निकलती है जो आज पांडव चट्टान के नाम से प्रसिद्ध है यहाँ मक्कर सक्रांति और महाशिवरात्रि पर मंदिरों में भक्तों की जमकर भीड़ लगती है
स्थानीय लोगों के अनुसार सावन मास में यहाँ से जल उठाकर लोग रोरवा प्राचीन शिव मन्दिर में जल चढ़ाते जिससे भक्तों को मन्नत पूरी होती है। बतादें कि यह जंगलों से घिरा बेहद रमणीय स्थल है और लगभग 6 एकड़ फैला चट्टान लोगों को बहुत भाता है।यहाँ लोग 1 जनवरी को पिकनिक मनाने ज्यादातर लोग आते हैं जहाँ लोग खूब मौज मस्ती करते हैं जो लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट भी है। इसी तरह कोन क्षेत्र के कोन, खेमपुर, नौडीहा, रानीडीह सहित तमाम शिवालयों में हर हर महादेव की गूंज से पूरा शिवालय गूंज उठा और लोगों ने लिया मेले का आनंद।

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