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Haryana: हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल समझौता अमल की ओर, पाइपलाइन प्रोजेक्ट को दी लिखित मंजूरी
Haryana News: हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 से लंबित यमुना जल समझौता अब धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ गया है। हरियाणा सरकार ने यमुनानगर स्थित Hathnikund Barrage से राजस्थान के हासियावास (चूरू) तक पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव पर अपनी लिखित सहमति राजस्थान सरकार को भेज दी है। इसके साथ ही परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।
पिछले महीने केंद्रीय मंत्री C. R. Patil की मौजूदगी में Bhajan Lal Sharma और Nayab Singh Saini के बीच पाइपलाइन परियोजना पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के बीच एक नया एमओयू भी हुआ था, जिसके बाद अब हरियाणा ने औपचारिक स्वीकृति भेज दी है।
परियोजना के तहत हथिनीकुंड से राजस्थान के चूरू जिले के हासियावास तक करीब 265 किलोमीटर लंबी तीन समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। इस योजना से चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा ने बीच के कुछ स्थानों पर अपनी पेयजल योजनाओं के लिए भी पानी की मांग रखी है।
इससे पहले खुली नहर के माध्यम से पानी देने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई थी। राजस्थान को आशंका थी कि खुली नहर से पूरा पानी नहीं पहुंच पाएगा। 2017 से 2021 के बीच कई संशोधित प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन तकनीकी और वितरण संबंधी मतभेदों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका।
12 मई 1994 को हुए यमुना जल समझौते के तहत कुल जल बंटवारे में 40.6% हरियाणा, 35.1% उत्तर प्रदेश, 10.4% राजस्थान, 6.3% दिल्ली और 1.7% हिमाचल प्रदेश को आवंटित किया गया था। मानसून अवधि (जुलाई से अक्टूबर) के दौरान अतिरिक्त जल राजस्थान को देने का प्रावधान भी इसी समझौते में शामिल है।
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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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