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श्रीभूमि जिले के सीपाछड़ा में पारिवारिक जमीन विवाद में झूठे बदनाम करने के आरोपों को गाँववासियों और 4 नंबर वार्ड सदस्य ने किया खारिज
श्रीभूमि- श्रीभूमि जिले के सीपाछड़ा में पारिवारिक जमीन विवाद को लेकर लगाए गए आरोपों को गाँववासियों और 4 नंबर वार्ड सदस्य ने सिरे से खारिज कर दिया है। श्रीभूमि जिला के अंतर्गत दुल्लभछड़ा खंड विकास क्षेत्र की दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत के सीपाछड़ा गाँव के 4 नंबर वार्ड के ग्रामीणों और वार्ड सदस्य ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उसी गाँव के निवासी रंजू तेली ने मीडिया के समक्ष शिकायत की थी कि पारिवारिक जमीन विवाद में दीप नारायण ग्वाला, मिलन तेली और टिंकू माला की संलिप्तता है।
हालांकि ग्रामीणों और संबंधित वार्ड सदस्य का कहना है कि यह मामला पूर्णतः पारिवारिक है और उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद तथा उद्देश्यपूर्ण हैं। उनका यह भी दावा है कि अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। गाँववासियों के अनुसार, राम शंकर तेली ने विवादित जमीन पर किसी प्रकार का कब्ज़ा नहीं किया है। जलजमाव की समस्या के कारण वे कई वर्ष पूर्व ऊपरी टीले पर रहने लगे थे, जिसे उनकी पैतृक संपत्ति बताया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में रंजू तेली उक्त जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में 17 फरवरी (मंगलवार) को 4 नंबर वार्ड के कम्युनिटी हॉल में आयोजित बैठक के निर्णय की प्रति थाना में जमा कराई जाएगी।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ ग्रामीणों ने बताया कि पूर्वजों के बीच भूमि बंटवारे के अनुसार राम शंकर तेली के पिता और रंजू तेली के पिता को अलग-अलग हिस्से प्राप्त हुए थे। जिस जमीन को लेकर वर्तमान में विवाद उत्पन्न हुआ है, वह राम शंकर तेली का पैतृक हिस्सा ही है। उनका यह भी कहना है कि इस भूमि पर उनका परिवार कई वर्षों से अधिकारपूर्वक काबिज है। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य टिंकू माला ने मीडिया को बताया कि जमीन विवाद के मामले में उन्हें, दीप नारायण गोयाला और मिलन तेली को जानबूझकर झूठे मामले में फँसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला पूर्णतः पारिवारिक है और इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सदैव गाँव के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। झूठे आरोपों के विरोध में उन्होंने मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात कही।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कीमती सुपारी के पेड़ को काटना पूर्णतः अनुचित कार्य है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।बैठक में यह भी बताया गया कि रंजू तेली का विवाह ईचाबिले में हुआ था और पति की मृत्यु के बाद वे मायके में आकर रहने लगीं। ग्रामीणों के एक वर्ग का आरोप है कि इसके बाद ही जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ।राम शंकर तेली ने कहा कि उन्होंने कोई पेड़ नहीं काटा और उनके खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह निराधार है। उनका आरोप है कि उन्हें कई झूठे मामलों में फँसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कानूनी समाधान की मांग की है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण मामले के न्यायसंगत समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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