अवैध खनन पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
अबैध खनन पाये जाने पर संबंधित खनन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, थाना प्रभारियों को क्षेत्र की नदियों और जल क्षेत्रों पर विशेष नजर बनाये रखने के निर्देश- जिलाधिकारी
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
जनपद में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध खनन के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान खनन, पुलिस, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया।

बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं। यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन पाया जाता है, तो इसके लिए संबंधित खनन अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी तय की जाएगी। थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों की नदियों और जल क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। दोषियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में होने वाले अवैध खनन को रोकने के लिए वन विभाग को निरंतर प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध कागजातों के खनिज ढोने वाले वाहनों को तत्काल जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने को कहा गया है। विशेष रूप से नंबर प्लेट बदलकर चलने वाले वाहनों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित आरा मशीनों के मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि वैध लाइसेंस वाली आरा मशीनों की सूची उपलब्ध कराई जाए। अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाएं। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की इस समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप, डी.एफ.ओ. रॉबर्ट्सगंज, पुलिस क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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