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ओबरा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, पूर्व कर्मचारी ही निकला कातिल
ओबरा पुलिस व एसओजी टीम की तत्परता से ओबरा मर्डर केस का खुलासा, लूटी गई नगदी व उपकरण बरामद
अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-
जनपद की सर्विलांस सेल/एसओजी टीम और ओबरा पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए गिरधर सीमेंट्स लिमिटेड परिसर में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके पास से लूटी गई नगदी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बीती 07/08 फरवरी 2026 की दरमियानी रात ओबरा स्थित गिरधर सीमेंट्स लिमिटेड के संचालक के चाचा विष्णु हरि उपाध्याय की अज्ञात हमलावर ने सिर पर पत्थर से वार कर निर्मम हत्या कर दी थी।

Read More तहसील दिवस के अवसर पर दुद्धी में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने किया जन-शिकायतों की सुनवाईहत्यारा न केवल कार्यालय की दराज से ₹6500 और मोबाइल लूट ले गया था, बल्कि अपनी पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर मॉनिटर और प्रिंटर भी गायब कर दिए थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर 12/13 फरवरी की रात्रि करीब 12:35 बजे बग्घा नाला ओवरब्रिज के पास घेराबंदी की। यहाँ से अभियुक्त श्रवन सिंह उर्फ श्रवण गोंड (36 वर्ष), निवासी छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटनास्थल से 300 मीटर दूर झाड़ियों में छिपाए गए कंप्यूटर मॉनिटर और प्रिंटर भी बरामद कर लिए गए।
पूछताछ में अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। अभियुक्त पूर्व में इसी सीमेंट कंपनी में 2 वर्षों तक मिस्त्री का काम करता था। नौकरी से निकाले जाने और मृतक द्वारा बार-बार डांट-फटकार किए जाने से वह बेहद गुस्से में था। रंजिश के चलते वह रात के अंधेरे में बाउंड्री फांदकर घुसा और सो रहे विष्णु हरि उपाध्याय के सिर पर पत्थर से 3-4 बार वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने अभियुक्त के पास से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं।
मृतक का नोकिया कीपैड मोबाइल। लूट के ₹5000 नगद। अभियुक्त का आधार कार्ड और एक सफेद धातु का कड़ा (जो सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा था)। घटना स्थल से गायब किया गया HP प्रिंटर और Lenovo मॉनिटर। इस सफल अनावरण में ओबरा प्रभारी निरीक्षक सदानंद राय, एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे, निरीक्षक अपराध शमशेर यादव और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा की बाइट-
पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है।

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