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श्रीभूमि टाउन में इस बार जनसंपर्क में समाजसेवी मुन्नी छेत्री की एक पहल देखी जा रही है
जो लोगों के दिल में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं
श्रीभूमि संवाददाता: असम में 26वीं विधान सभा चुनाव नजदीक आते ही पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए कोशिश चल रहा है. इसी बीच उत्तर करीमगंज के राजनीतिक परिदृश्य में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। समाजसेवी मुन्नी छेत्री, जो एक सामान्य परिवार से राजनीति में आई हैं, गुवाहाटी और दिल्ली की दौड़-धूप से दूर रहकर सीधे आम जनता के बीच जनसंपर्क में जुटी हुई हैं। गांव-गांव में लोगों से संवाद स्थापित करने के बाद अब उन्होंने श्रीभूमि टाउन क्षेत्र में भी अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। हर जगह अब सिर्फ एक ही चर्चा है कि हम केवल मुन्नी छेत्री जैसे नेता चाहते हैं। अगर मुन्नी छेत्री बीजेपी से टिकट पाती हैं तो वे भारी वोटों से जीत सुनिश्चित कर सकती हैं।
उत्तर करीमगंज क्षेत्र में भी यही माहौल देखने को मिल रहा है। मुन्नी छेत्री क्षेत्र के विभिन्न गांवों, वार्डों और बाजारों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। समर्थकों के साथ बैठकें, स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और जनता से सीधा संवाद—इन सबके जरिए अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब केवल देखने की बारी है कि पार्टी की उच्च कमान क्या निर्णय लेती है। राजनीतिक आदर्श को सहित लोगों के और समाज के जन को महत्व देते हुए समाज के हित में काम कर रही है। मुन्नी छेत्री जैसी नेता को राजनीतिक मैदान में कितना मौका मिलेगा? इस समय यही सवाल उत्तर करीमगंज समुदाय में घूम रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्टी संगठन स्थानीय जनता की भावनाओं और लोकप्रियता को कितना महत्व देता है। हालांकि इन सभी अटकलों के बीच मुन्नी छेत्री ने पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए अपना जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रखा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट वितरण से पहले का यह समय बेहद अहम होता है। ऐसे में प्रत्येक दावेदार संगठन के शीर्ष नेतृत्व को अपनी लोकप्रियता और कार्यक्षमता दिखाने में जुटा है। अब सबकी नजरें पार्टी हाईकमान के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि उत्तर करीमगंज से किसे चुनावी मैदान में उतारा जाए।

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