रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला: बेटी से रेप, जन्मी बच्ची, आरोपी को सजा

बेटी के गर्भ से पैदा हुई ‘बहन’, पिता ने किया था रेप; कोर्ट ने सुनाई ये सजा गर्भपात की अनुमति कोर्ट से नहीं

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सोनभद्र-उत्तर प्रदेश

 

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले में एक पिता को अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के जुर्म में पॉक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. पीड़ित बेटी ने एक बच्ची को जन्म दिया है. यह फैसला न केवल अपराधी को सजा देता है, बल्कि समाज के लिए एक सख्त चेतावनी भी है. कोर्ट ने महज 35 दिनों में त्वरित सुनवाई कर यह ऐतिहासिक निर्णय दिया है.

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने अपनी ही नाबालिग बेटी से रेप किया. इससे लड़की गर्भवती हो गई. 7 महीने का गर्भ होने के बाद लड़की की चाची को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दी. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर अरेस्ट किया. इसी बीच पीड़ित बच्ची ने एक बेटी को जन्म दिया है. इधर, मामले की सुनवाई करते हुए पॉक्सो कोर्ट ने इसे जघन्य वारदात बताते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.


मामला सोनभद्र में चोपन थाना क्षेत्र का है. पीड़िता के मामा ने पिछले साल अक्टूबर महीने में इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी. अपनी तहरीर में मामा ने बताया कि मार्च 2025 में उनकी बहन की मौत हो गई थी. इसके बाद से उनकी 15 साल की भांजी अपने दो भाइयों और पिता के साथ रह रही थी. आरोप है कि उनकी बहन की मौत के अगले ही महीने आरोपी बहनोई ने उनकी भांजी के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी.

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गर्भपात की अनुमति कोर्ट से नहीं

मामले का खुलासा होने के बाद उसे CWC की निगरानी में रखा गया. 13 जनवरी को इस बच्ची ने जिला अस्पताल में एक बेटी को जन्म दिया है. डीएनए रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि यह बच्ची आरोपी पिता की ही संतान है. परिजनों ने मामले का खुलासा होने के बाद ही गर्भ गिराने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने मना कर दिया था. अदालत ने अपने फैसले में लिखा है कि यह फैसला सिर्फ एक सजा नहीं, बल्कि समाज के लिए सख्त चेतावनी है.

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35 दिन हुई सजा

मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण कराया, डीएनए टेस्ट कराई और जरूरी सबूतों के साथ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी. अदालत ने भी मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए महज 35 दिनों की सुनवाई में मामले का निस्तारण कर दिया है. विशेष पॉक्सो कोर्ट के जज अमित वीर सिंह ने जघन वारदात करार देते हुए दोषी पिता को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही आरोपी पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड लगाया. इसमें से 1 लाख 20 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे.

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ऐसे हुआ खुलासा

पीड़ित मामा ने बताया कि गर्भ ठहरने की वजह से उनकी भांजी के शरीर में बदलाव होने लगा. सातवें महीने में जब उसका पेट नजर आने लगा तो उसकी चाची ने पूछताछ की. इस दौरान पीड़िता ने वारदात की कहानी बता दी. इसके बाद पीड़िता के चाचा ने उन्हें सूचित किया और फिर वह मासूम बच्ची को लेकर थाने पहुंचे. इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चोपन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे अरेस्ट कर लिया था.

 

 

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