चार श्रम संहिताओं के विरोध में बलिया में गरजा मजदूर वर्ग

आशा बहुओं के नियमितीकरण की उठी मांग

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बलिया। जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बैनर तले मजदूर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही चार नई श्रम संहिताओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि ये श्रम कानून मजदूर और गरीब वर्ग के हितों के विपरीत हैं तथा इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे।
 
उन्होंने वर्ष 1976 के एसपीई अधिनियम की रक्षा करने और एसपीई अधिनियम की धारा 12 के अंतर्गत वैधानिक कार्य नियम बनाए जाने की मांग उठाई, ताकि एसपीई कर्मचारियों के अधिकार और लाभ सुरक्षित रह सकें।सभा में आशा बहुओं के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने आशा कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने तथा उनका न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की। साथ ही आभा और आयुष्मान कार्ड बनाने के बकाया भुगतान को जल्द जारी करने की बात कही गई। आशा और संगिनी के पूरे परिवार को आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने की भी मांग रखी गई।
 
उत्तर प्रदेश भवन निर्माण मजदूर सभा ने श्रम मंत्री अनिल राजभर को संबोधित पत्र भी प्रेषित किया। पत्र में पंजीकृत मजदूरों के नवीनीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर मार्च 2026 तक करने की मांग की गई। सभा का कहना था कि आधार सत्यापन और मोबाइल नंबर पंजीकरण में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण समय पर नवीनीकरण संभव नहीं हो पा रहा है। इसके समाधान के लिए गांव-गांव में विशेष शिविर लगाने की मांग भी की गई। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्यों ने भी भाग लिया और अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा।
 
 

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