शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जिला बेसिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

सिद्धार्थनगर। एक ही डिस्पैच से नियुक्त तीन शिक्षकों के फर्जी होने की आशंका के संबंध में एक समाचार पत्र में प्रकाशित(स्वतंत्र प्रभात में नही) समाचार और अधिकारी के बयान के बाद उस डिस्पैच नम्बर से नियुक्त दर्जनों शिक्षकों ने पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार को ज्ञापन देते हुए और उस डिस्पैच नम्बर की दर्जनों शिक्षकों के नियुक्ति पत्र की छाया प्रति देते हुए बिना जांच पड़ताल और पर्याप्त आधार के आशंका मात्र से इस प्रकार के समाचार और मीडिया में बयान न दिए जाने की मांग की है। 
 
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र ने ज्ञापन के साथ 06 जनवरी 1992 में डिस्पैच नम्बर 1260 में नियुक्त सैकड़ों शिक्षकों में से स्वयं अपना और दर्जनों शिक्षकों की नियुक्ति पत्र को दिखाते हुए बताया कि सभी शिक्षक मूलतः इसी जनपद के निवासी है, और सभी की नियुक्ति सही और नियमानुसार है। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिक्षक के बारे में कोई आशंका है, तो संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण और उस समय के डिस्पैच रजिस्टर और पत्रावली के ऑफिस कॉपी की जांच के बाद ही इस प्रकार का समाचार और बयान दिया जाना चाहिए।
 
उन्होंने ने कहा कि शोहरतगढ़ विकास क्षेत्र के  कुछ शिक्षकों नियुक्ति हुई है उनमेंतीन शिक्षक जो अगले माह 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले हैं वे अब अपने 34–35 साल की सेवा के बाद  जीपीएफ और पेंशन के भुगतान को लेकर भी काफी चिंतित और परेशान है। इतना ही नहीं 1992 में उक्त डिस्पैच नम्बर से जिले में नियुक्त सैकड़ों शिक्षक उस खबर को पढ़कर मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में है, और अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है।
 
महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि जब दहाई और सैकड़े की संख्या में नियुक्ति/पदोन्नति/स्थानांतरण/समायोजन/चयन और प्रोन्नत वेतनमान का आदेश होता था तो उस समय पूरी सूची का एक ही तिथि और एक ही डिस्पैच नम्बर होता था। सूची में संबंधित शिक्षक के नाम और क्रमांक पर (सही) का निशान लगाकर एक प्रति संबंधित को उपलब्ध करा दी जाती थी। उसी सूची से सभी शिक्षक अपने नाम के सम्मुख अंकित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करते थे। जो पूरी तरह सही और नियमानुसार हैं।
 
यदि किसी शिक्षक के फर्जीवाड़े के संबंध में कोई भी शिकायत किसी माध्यम से संज्ञान में आता है, तो सबसे पहले संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण और कार्यालय में रखे उस समय के डिस्पैच रजिस्टर और ऑफिस कॉपी से जांच कर इस प्रकार का समाचार और बयान मीडिया में देना चाहिए। और फर्जी शिक्षक के साथ नियुक्ति करने वाले अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध भी कार्यवाही करनी चाहिए।प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र महामंत्री कलीमुल्लाह, करुणेंद्र राय, अब्दुल अजीज, संजय कुमार आनंद, दिलीप कुमार चौधरी, संजय कुमार कन्नौजिया, आशा देवी, संध्या शुक्ला, सुशीला त्रिपाठी, राम कला, राम अवतार, जीत बहादुर चौधरी आदि उपस्थित रहे।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार