एसपी सोनभद्र ने जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं, दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिले, पुलिस के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो।

राजेश तिवारी Picture
Published On

अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -

पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम करने और न्याय प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस कार्यालय सोनभद्र में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा ने जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को न केवल सुना, बल्कि उनके समाधान के लिए मातहतों को कड़े निर्देश भी दिए।

IMG-20260209-WA0074

मेधावी छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत, खुशी से खिले चेहरे  Read More मेधावी छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत, खुशी से खिले चेहरे 

जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे पीड़ितों ने अपनी व्यथा साझा की। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता, संवेदनशीलता और धैर्यपूर्वक सुना। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले शामिल रहे। भूमि विवाद और पारिवारिक झगड़ों से जुड़े मामले, मारपीट, धोखाधड़ी और ठगी से संबंधित प्रकरण, गुमशुदगी और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित ध्यान देने पर जोर दिये।

केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोनभद्र में सांसद निधि से स्वीकृत 100 कार्यों  का किया शिलान्यास Read More केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोनभद्र में सांसद निधि से स्वीकृत 100 कार्यों का किया शिलान्यास

एसपी अभिषेक वर्मा ने मौके पर ही संबंधित थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति न हो, बल्कि जमीनी स्तर पर निष्पक्ष, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई दिखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानून के दायरे में होनी चाहिए। पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न कटवाए जाएं।

हत्या के चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास, 14-14 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद Read More हत्या के चार दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास, 14-14 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर 3-3 माह की अतिरिक्त कैद

जिन मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, वहां बिना किसी देरी के कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। हमारा उद्देश्य पुलिस-जन संवाद को सशक्त बनाना है। जनता दर्शन के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी न्याय मिले और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो।

पुलिस अधीक्षक, अभिषेक वर्मा की पहल के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि आम नागरिक अपनी समस्याओं के लिए बिना किसी संकोच के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यक्रम न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बना, बल्कि इससे विभाग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही भी तय हुई है।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें