राजनीति
फरवरी में बदलेगा यूपी का मौसम, घटेगी शीतलहर, बढ़ेगा तापमान
कोहरे के बीच ठंड से मिलेगी आंशिक राहत
ब्यूरो प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में फरवरी माह के दौरान मौसम के तेवर जनवरी की तुलना में कुछ बदले हुए नजर आ सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार प्रदेश में इस बार शीतलहर के दिनों में कमी आने की संभावना है। भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में जारी ला-नीना परिस्थितियों के कमजोर पड़ने और तटस्थ नीनो दशा की ओर बढ़ने के संकेतों के बीच फरवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। इससे ठंड का असर कम होने के साथ सर्द हवाओं की तीव्रता में गिरावट देखी जा सकती है।
जनवरी के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 18 से 23 दिन तक घना कोहरा छाया रहा। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। दृश्यता कई स्थानों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में ला-नीना परिस्थितियां कमजोर हो रही हैं। फरवरी, मार्च और अप्रैल के दौरान इनके तटस्थ नीनो अवस्था में बदलने की संभावना है। साथ ही हिन्द महासागरीय द्विध्रुव (IOD) की स्थिति भी तटस्थ बनी हुई है।
इन दोनों कारकों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश में फरवरी माह के दौरान:औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना,शीतलहर के दिनों में 1 से 3 दिन की कमी,अधिकतम तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक,औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम यानी सुबह-शाम ठंड बनी रह सकती है, लेकिन कड़ाके की सर्दी वाले हालात कम देखने को मिलेंगे।
ला-नीना के कमजोर होने से उत्तर भारत की ओर आने वाली ठंडी हवाओं का प्रवाह कमजोर पड़ता है। इसके कारण तापमान में अत्यधिक गिरावट की संभावना घट जाती है। जब पश्चिमी विक्षोभ कम सक्रिय रहते हैं, तब बादलों की कमी से दिन में धूप तेज हो जाती है, जिससे ठंड का असर कम होता है।ठंड कम होने के बावजूद मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और एलर्जी के मामले बढ़ सकते हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

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