Haryana: हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री में बड़ा फर्जीवाड़ा, नायब तहसीलदार पर गिरी गाज

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Haryana News: हरियाणा में सोनीपत के गन्नौर तहसील में पेपरलेस सिस्टम के तहत हुई पहली फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त (डीसी) सुशील सारवान ने पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एडीसी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की है। साथ ही जमीन बेचने वाले, खरीदने वाले और अन्य सभी आरोपितों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

डीसी ने फर्जी रजिस्ट्री में लापरवाही बरतने के आरोप में गन्नौर के नायब तहसीलदार की रजिस्ट्री संबंधी शक्तियां छीने जाने की सिफारिश भी की है। इसके अलावा फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

पूरा मामला 10 जनवरी को सामने आया, जब जमीन के असली मालिक को फर्जी रजिस्ट्री की जानकारी मिली। दिल्ली के शालीमार बाग, बी-ब्लॉक निवासी बिकास पाड़िया ने 12 जनवरी को गन्नौर के एसीपी को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म सपाज एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम वर्ष 2011 से गन्नौर बाय रोड पर कुल 36 कनाल जमीन दर्ज है। 10 जनवरी को उन्हें पता चला कि उनकी जमीन की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई है।

शिकायत के अनुसार नसीरपुर बांगर निवासी प्रमोद कुमार ने फर्म का फर्जी अथॉरिटी लेटर तैयार कराया और खुद को जमीन का मालिक बताकर जमीन बेच दी। जांच में सामने आया कि इस फर्जीवाड़े के जरिए जींद के पिल्लूखेड़ा निवासी बलबीर सिंह को करीब 6.16 करोड़ रुपये में जमीन बेची गई।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी सुशील सारवान ने रविवार को छुट्टी के दिन जिला राजस्व अधिकारी, तहसील स्तर के अधिकारियों और संबंधित विभागों के अफसरों की बैठक बुलाई। कैंप कार्यालय में दिनभर चले मंथन और दस्तावेजों की गहन समीक्षा के बाद डीसी ने चार अहम प्रशासनिक फैसलों पर आदेश जारी किए।

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पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एडीसी लक्षित सरीन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी को जरूरत के अनुसार अन्य अधिकारियों को शामिल करने का अधिकार दिया गया है और 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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डीसी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में किसी भी स्तर पर संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी विक्रेता, खरीदार, गवाह, नंबरदार और डीड राइटर समेत सभी आरोपितों पर आपराधिक केस दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं।

वहीं फर्जी रजिस्ट्री के आरोप में गन्नौर के नायब तहसीलदार अमित कुमार की रजिस्ट्रेशन पावर तत्काल प्रभाव से छीने जाने की सिफारिश की गई है। इस संबंध में डीसी ने राजस्व विभाग की वित्तायुक्त सुमिता मिश्रा को पत्र लिखकर कार्रवाई का अनुरोध किया है। जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को रजिस्ट्री से जुड़े किसी भी कार्य से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए पेपरलेस सिस्टम के तहत हुई रजिस्ट्री को न तो मैन्युअल तरीके से और न ही वेब हैलरिस पोर्टल पर रद्द किया जा सकता है। इसी कारण गन्नौर की तहसीलदार को निर्देश दिए गए हैं कि फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद ही रजिस्ट्री को निरस्त किया जा सकेगा।

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