गौ,जल, जंगल और जमीन का संरक्षण है मानव का अधिकार

बसंत पंचमी के दिन सैकड़ो श्रद्धालुओं के साथ यात्रा

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

राहुल जायसवाल की रिपोर्ट 
 
नैनी ,प्रयागराज । शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सैकड़ो श्रद्धालुओं के साथ यात्रा पहुंची संगम नोज त्रिवेणी पर जंगल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए आस्था की डुबकी लगाई , श्रद्धालुओं ने यात्रा में सम्मिलित होकर जंगल के संरक्षण के लिए संकल्प लिया जंगल हमें प्राण वायु देते है जंगल है तो पर्यावरण शुद्ध है जंगल बहुत सारे कीट पतंग पशु पक्षियों का आश्रय स्थल है।
 
अश्विनी कुमार ने बताया की ये वातावरण को ठंडा रखते हैं और वर्षा लाने में मदद करते हैं, जिससे स्थानीय और वैश्विक मौसम पैटर्न प्रभावित होते हैं। वन जल चक्र को बनाए रखते हैं और जल को शुद्ध करते हैं वन पृथ्वी के आधे से अधिक स्थलीय जीवों (पशु, पौधे, कीट) का घर हैं, जो जैव विविधता को बनाए रखते हैं।
 
पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं, जिससे मिट्टी का कटाव और भूस्खलन रुकता है. जंगल से हमें लकड़ी, ईंधन, फल, खाद्य पदार्थ और औषधीय पौधे मिलते है।.  आर्थिक लाभ ये रोजगार और आय के स्रोत प्रदान करते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से जंगलों में समय बिताने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, और ये बीमारियों के खतरे को कम करते हैं।
 
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में बहुत उपयोगी है बाढ़, सूखा और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में मदद करते हैं.  संक्षेप में, जंगल पृथ्वी के फेफड़े और जीवन का आधार हैं, और इनके बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है, इसलिए इनका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
गौ हमारी माता है गौ माता हमारे घर में रहती है तो 33 करोड़ देवी देवताओं का वास हमारे घर पर होता है जिससे अनेकों विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं गौ माता का दूध, घी, गोबर ,गोमूत्र सभी हमारे लिए बहुत ही उपयोगी हैं तथा गौ माता हमारे लिए रोजगार का भी एक बहुत बड़ा माध्यम है।
 
जल है तो जीवन है जल के बिना जीवन संभव नहीं है आज दुनिया में पीने योग्य पानी बहुत कम है इसलिए जल का संरक्षण बहुत जरूरी है आज हम सभी मिनरल वाटर का उपयोग कर रहे हैं जिससे तमाम प्रकार की बीमारियां पैदा हो रही है l
 
गंगा हमारी माता है यह श्रद्धा का बहुत बड़ा केंद्र है जहां पर हजारों -लाखों लोग एक माह कल्पवश करके त्याग ,तपस्या कर गंगा संगम त्रिवेणी में श्रद्धा की डुबकी लगाकर मोक्ष की कामना करते हैं आज गंगा प्रदूषित हो रही हैं कल कारखानों का मालवा गंगा में बह रहा हैं लोग स्नान करके अपने कपड़े गंगा मैया में धोते हैं  गंगा मैया की स्वच्छता, निर्मलता को बनाए रखने के लिए यह जन जागरण कर रहे हैं जिससे गंगा मैया अविरलता, निरंतर और स्वच्छता के साथ बहती रहे और श्रद्धा का केंद्र और मजबूत हो l
 
हमारे पांच माताएं हैं गौ माता, गंगा मैया, धरती माता,अपनी माता और भारत माता जिसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य और धर्म है l गौ ,गंगा, जल, जंगल और जमीन जन जागरण यात्रा जीवन के पहले, जीवन के साथ और जीवन के बाद यह सदैव चलता रहेगा क्योंकि यदि  इसका संरक्षण नहीं करेंगे तो सृष्टि नहीं होगी और मानव जीवन नहीं होगा इसलिए इसका संरक्षण बहुत जरूरी है और हमारा कर्तव्य और धर्म है क्योंकि पूर्व जन्मों के अच्छे कर्मों के कारण ही  मनुष्य रूप में हम सभी जन्म लिए हैं |
 
यात्रा में श्रद्धालु के साथ-साथ प्रमुख रूप से , जय सिंह ,राजेश सिंह ,केपी सिंह , अजय सिंह, परमानंद, संजय सिंह व अन्य कार्यकर्ता व श्रद्धालु सम्मिलित हुए l

About The Author