कंधे पर दिव्यांग पत्नी को देख पसीजा डीएम का दिल, तत्काल मिली मोटराइज्ड साइकिल
कलेक्ट्रेट में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दिखा मानवता का चेहरा
दोनों पैर न होने पर पति के कंधे के सहारे पहुंची थी हीरामणि, जिलाधिकारी ने मौके पर ही कराई मदद
अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित मतदाता जागरूकता कार्यक्रम उस समय एक भावुक और प्रेरणादायक पल का गवाह बना, जब जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की नजर भीड़ में मौजूद एक दंपति पर पड़ी। अपनी दिव्यांग पत्नी को कंधे पर लादकर पहुंचे एक शख्स की बेबसी देख जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की।

क्या था पूरा मामला?
दरअसल, मतदाता जागरूकता अभियान के तहत कलेक्ट्रेट में कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान दीनबंधु अपनी पत्नी हीरामणि को अपने कंधों पर बैठाकर वहां पहुंचे। हीरामणि के दोनों पैर कटे हुए थे, जिस कारण उन्हें चलने-फिरने में भारी असुविधा हो रही थी। इस मार्मिक दृश्य को देखते ही जिलाधिकारी बी.एन. सिंह भावुक हो उठे।
डीएम के निर्देश पर मिनटों में पहुंची सहायता
जिलाधिकारी ने बिना देर किए प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला के लिए तत्काल आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाए। डीएम के आदेश पर मौके पर ही हीरामणि को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने स्वयं आगे बढ़कर उन्हें कंबल एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर सम्मानित किया।
खुशी के आंसुओं से छलका आभार
अचानक मिली इस बड़ी मदद और सम्मान से दीनबंधु और उनकी पत्नी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। दीनबंधु ने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें इस तरह का सहारा मिलेगा। दंपति ने शासन और प्रशासन की इस संवेदनशीलता की भूरी-भूरी सराहना की और अधिकारियों को बारम्बार धन्यवाद दिया।
प्रशासन का संकल्प
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा हर पात्र और असहाय व्यक्ति की मदद करना है। जब कोई जरूरतमंद सामने आता है, तो उसकी पीड़ा को दूर करना ही प्रशासन की असली सफलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में कोई भी पात्र दिव्यांग सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
