कुशीनगर : विराट किसान मेला के तृतीय दिवस पर किसान दिवस का आयोजन, जिलाधिकारी ने किया औपचारिक उद्घाटन
कुशीनगर। आज कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत चार दिवसीय “विराट किसान मेला” का आयोजन ब्लॉक संसाधन केन्द्र, पड़रौना में किया गया। मेले के तृतीय दिवस के अवसर पर किसान दिवस का आयोजन हुआ, जिसका औपचारिक उद्घाटन महेन्द्र सिंह तंवर जिलाधिकारी, द्वारा किया गया।
उन्होंने किसानों को अवगत कराया कि फारमर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा भविष्य में बीज, उर्वरक एवं कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान प्रभावित हो सकता है।किसानों को यह भी बताया गया कि बसंतकालीन गन्ने के साथ सहफसली खेती हेतु उर्द एवं मूंग का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके लिए 31 जनवरी तक टोकन निर्गत किए जाएंगे। गन्ने की बुवाई करने वाले किसानों से सहफसली खेती अपनाने का अनुरोध किया गया। उप कृषि निदेशक द्वारा पिछले किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति से किसानों को अवगत कराया गया। किसान दिवस के दौरान जगदीश मिश्र द्वारा फारमर रजिस्ट्री,महेन्द्र मणि द्वारा बिक्री केन्द्रों पर बोरे उपलब्ध न होने एवं गन्ना तौल केन्द्रों पर डिस्प्ले न लगाए जाने, रामाधार कुशवाहा द्वारा छुट्टा पशुओं की समस्या से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत की गईं। इस पर जिला गन्ना अधिकारी, ने अवगत कराया कि सेवरही चीनी मिल द्वारा 10 प्रतिशत गन्ना तौल केन्द्रों पर डिस्प्ले लगा दिए गए हैं तथा शेष केन्द्रों पर शीघ्र ही डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से किसानों को विभागीय योजनाओं एवं नवीन तकनीकों की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त होती है। उन्होंने किसान दिवस की शिकायतों के त्वरित निस्तारण का आश्वासन देते हुए बताया कि फारमर रजिस्ट्री में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। साथ ही 1.00 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले तालाबों को प्राथमिकता तथा प्राचीन कुओं का राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराए जाने की बात कही। उन्होंने फारमर रजिस्ट्री एवं क्रॉप सर्वे के महत्व को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा कामेश श्रीवास्तव, परमा यादव एवं श्रीमती कलावती को 50 प्रतिशत अनुदान पर तिरपाल का वितरण किया गया।
मेले में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी/कर्मचारी, कृषि वैज्ञानिक, एफ.पी.ओ. प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में राजेश श्रीवास्तव (जादूगर) द्वारा कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों की योजनाओं की जानकारी जादूगरी के माध्यम से रोचक रूप में किसानों को दी गई।

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