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8 साल से विद्यालय के छात्र पढ़ाई नहीं कर पाए, उस विषय की,जिसके लिए अनुदेशक की नियुक्ति की गई
सूची में शामिल कई अनुदेशकों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें विद्यालय भेज दिया गया है,
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
सिद्धार्थनगर। जिले के बर्डपुर ब्लाक अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय काशीपुर के अनुदेशक मधुकर मंजुल की संबद्धता समाप्त न होने पर अनुदेशकों में आक्रोश व्याप्त। बीएसए कार्यालय में संबद्ध रहे मधुकर मंजुल को हाल ही में वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में भेज दिया गया है जबकि अन्य अनुदेशकों का संबद्धता समाप्त किया जा चुका है।
सूची में शामिल कई अनुदेशकों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें विद्यालय भेज दिया गया है, लेकिन मधुकर मंजुल को लगभग आठ वर्ष से विद्यालय न जाने के बावजूद कार्यालय के कार्य में ही बनाए रखने पर जिस उद्देश्य से विद्यालय पर नियुक्ति की गई थी वह उद्देश्य नहीं पूरा हो पा रहा है इसलिए की इन 8 वर्षों में न जाने कितने बच्चे स्कूल से पढ़कर निकल गए लेकिन उन बच्चों को उसे विषय की पढ़ाई नहीं की गई साथ ही साथ अन्य अनुदेशकों ने सवाल उठाए हैं।
और उनका कहना है कि मधुकर मंजुल आठ साल से विद्यालय नहीं गए। पहले बीएसए कार्यालय में और अब वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में संबद्ध हैं। आदेश सभी पर लागू होना चाहिए,अनुदेशकों ने आरोप लगाया कि लगभग एक माह पूर्व उन्हें योजनाबद्ध तरीके से बीएसए कार्यालय से अपर जिलाधिकारी कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि संबद्धता समाप्त करने का आदेश सार्वभौमिक है,
तो जनपद में विभिन्न बीआरसी पर अभी भी संबद्ध चल रहे तमाम अनुचरों को क्यों नहीं हटाया गया। संबद्धता समाप्त किए गए अनुदेशकों और अनुचरों में इस चयनात्मक कार्रवाई को लेकर आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में बीएसए शैलेश कुमार का कहना है कि अनुदेशक के संबद्धता को समाप्त कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजेंगे और संबद्धता समाप्त होते ही विद्यालय पर वापस भेजा जाएगा।

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