सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु एवं माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मध्य चिकित्सा सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

इस समझौता ज्ञापन का प्रमुख उद्देश्य सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगामी समय की कार्य योजना में प्रस्तावित बी.एससी. नर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक चिकित्सीय एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
 सिद्धार्थनगर,
 
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर एवं माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर के मध्य  मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन ( एमओयू ) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विशेष रूप से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
 
इस समझौता ज्ञापन का प्रमुख उद्देश्य सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगामी समय की कार्य योजना में प्रस्तावित बी.एससी. नर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक चिकित्सीय एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नर्सिंग पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यावहारिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सालय से संबद्धता आवश्यक होती है, इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए यह समझौता किया गया है।
 
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज दोनों संस्थानों की भूमिका इस क्षेत्र के लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों संस्थान मिलकर शिक्षा और चिकित्सा के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों को नर्सिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए सुदूर जाना पड़ता है, भविष्य में यदि यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय में प्रारंभ हो जाता है तो स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ इसका बहुत लाभ भी होगा और मानव सेवा का पुनीत कार्य भी सम्भव है। नर्सिंग शिक्षा न केवल रोजगार की दृष्टि से बल्कि मानव सेवा की भावना के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज की भूमिका केवल पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के व्यापक हित में कार्य करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान दिया जा सकता है। दोनों संस्थान मिलकर रक्तदान, देहदान एवं अंगदान जैसे पवित्र कार्यों के प्रति समाज, विशेषकर युवाओं को जागरूक कर सकते हैं, जिससे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास संभव होंगे।
 
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रो. राजेश मोहन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज कम्युनिटी हेल्थ के क्षेत्र में अपने पाठ्यक्रमों से आगे बढ़कर समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के साथ जुड़कर क्षेत्रीय विकास में मेडिकल कॉलेज अपना उल्लेखनीय योगदान दे सकेगा। उन्होंने बताया कि टेली क्लीनिक के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सक सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के साथ जुड़कर चिकित्सीय परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराएंगे, जिसके लिए आगे विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
 
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, वित्त अधिकारी  रामेंद्र मौर्य, आईसीसी निदेशक प्रो. सौरभ, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह  उपस्थित रहे। वहीं मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रो. विष्णु अवस्थी, प्रो. नौशाद आलम , प्रो. हसमतुल्लाह, डॉ. आशीष कुमार शर्मा, अरविंद कुमार सिंह सहित अनेक  लोग उपस्थित थे।
 
विशेष रूप से इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक  श्याम धनी राही की  उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर दोनों शिक्षण संस्थानों को जो भी सहयोग आवश्यक होगा, उसे उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। दोनों संस्थान अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठित हैं तथा कुलपति प्रो. कविता शाह एवं प्रधानाचार्य प्रो. राजेश मोहन की रचनात्मक दृष्टि से क्षेत्र के लोगों एवं समाज को व्यापक लाभ मिलेगा।
 
यह समझौता ज्ञापन शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करते हुए क्षेत्रीय विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
 
 

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