IAS Success Story: हरियाणा की बेटी ने रचा इतिहास, पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर बनीं IAS
IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा को पास करने में जहां अधिकतर अभ्यर्थियों को कई सालों की मेहनत और कई प्रयास लगाने पड़ते हैं, वहीं कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ऐसे भी होते हैं जो पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर मिसाल कायम कर देते हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है हरियाणा के भिवानी जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली आईएएस निशा ग्रेवाल की।
निशा का सफर साधारण परिवार से शुरू हुआ। उनके पिता बिजली विभाग में कार्यरत हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल रहा, लेकिन निशा को आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा उनके दादा जी से मिली, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो निशा ग्रेवाल ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स किया। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया और फिर पूरी एकाग्रता के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।
अपनी तैयारी के अनुभव साझा करते हुए निशा बताती हैं कि उन्होंने यूपीएससी की मजबूत नींव बनाने के लिए सबसे पहले NCERT की किताबों को अच्छे से पढ़ा। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध विश्वसनीय अध्ययन सामग्री और करंट अफेयर्स पर खास ध्यान दिया। उनका मानना है कि सही रणनीति, निरंतरता और आत्मविश्वास ही इस कठिन परीक्षा में सफलता की कुंजी है।
Read More IAS Success Story: पकौड़े बेचने वाले पिता की बेटी बनी IAS, पढ़ें दीपेश कुमारी की सक्सेस स्टोरीवर्तमान में आईएएस निशा ग्रेवाल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर तैनात हैं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभा रही हैं। उनका कहना है कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों को धैर्य बनाए रखना चाहिए और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
पहले ही प्रयास में टॉप रैंक हासिल कर आईएएस बनने वाली निशा ग्रेवाल आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही दिशा, कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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