बलरामपुर में अधिवक्ताओं का सड़क पर प्रदर्शन:किया पैदल मार्च, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

रातभर चले धरने के बाद पुलिस ने 7 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
बलरामपुर
 
नगर कोतवाली क्षेत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट और डकैती की घटना के आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने से अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश है। 15 जनवरी को हुई इस घटना के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।सैकड़ों अधिवक्ता न्यायालय परिसर से तहसील गेट तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें "आरोपी गिरफ्तार करो" और "पुलिस प्रशासन होश में आओ" जैसे नारे शामिल थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तहसील और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
 
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। यह घटना 15 जनवरी की रात की है, जब अधिवक्ता सूर्य प्रकाश अपने परिवार के साथ रात्रि भोज में जा रहे थे। बड़े पुल चौराहे के पास नशे में धुत कुछ अराजक तत्वों ने विवाद के बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और डकैती की वारदात को अंजाम दिया।
 
रातभर चले धरने के बाद पुलिस ने 7 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अधिवक्ता अजय बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को गंभीर धाराओं में चालान करने के बजाय धारा 151 के तहत छोड़ने की तैयारी कर रही है। वहीं, अधिवक्ता रमेश त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस ने दबाव में मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई करने से कतरा रही है।
 
इससे पहले भी अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव का एक दिन बहिष्कार किया था और सोमवार को भी दीवानी न्यायालय से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर घेराव किया था। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को हटाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा और आंदोलन जारी रहेगा।

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