पति की मौत के बाद नन्दोई से मोहब्बत… फिर बना कत्ल का कारण
2 लाख, गहने और धमकी—इश्क़ के अंत ने शंकरगढ़ में रच दी खौफनाक साजिश
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शंकरगढ,प्रयागराज। यमुनानगर के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में 23 दिन पहले मिली एक अज्ञात महिला की लाश ने पुलिस को भी उलझा दिया था। 27 दिसंबर 2025 को धवैया गांव की झाड़ियों में पड़े शव के चेहरे और गर्दन पर गहरे जख्म थे, जो साफ बता रहे थे कि मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि बेहद बेरहमी से की गई हत्या थी।पुलिस ने आसपास के सभी थानों से संपर्क किया, लेकिन 13 जनवरी तक महिला की पहचान नहीं हो सकी। जांच की दिशा तब बदली जब शंकरगढ़ से सटे मध्यप्रदेश के सीमावर्ती थानों में शव की तस्वीरें भेजी गईं। 14 जनवरी को रीवा जिले के डभौरा निवासी रामाधार शंकरगढ़ थाने पहुंचे और तस्वीर देखकर टूटे स्वर में बताया—मृतका उनकी बहन ललिता (42) है। रामाधार ने पुलिस को जो कहानी बताई, उसने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया। ललिता की शादी 21 साल पहले रीवा के चाकघाट निवासी कमलेश से हुई थी, जिनकी तीन साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद अकेली पड़ी ललिता भावनात्मक सहारे की तलाश में अपनी ननद के पति धीरज के करीब आ गई और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। पुलिस की जांच में धीरज ही सबसे बड़ा संदिग्ध निकला। लेकिन वह फरार था—मोबाइल बंद, घर से गायब। उसकी पत्नी ने भी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि वह काम से बाहर गया है। 17 जनवरी को पुलिस ने सादे कपड़ों में जाल बिछाया। जैसे ही धीरज घर पहुंचा, पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पहले धीरज पुलिस को घुमाता रहा, लेकिन कॉल डिटेल्स और हत्या के समय की लोकेशन सामने आते ही वह टूट गया। उसने कबूल किया कि ललिता को पति की मौत के बाद 2 लाख रुपये मुआवजे में मिले थे, साथ ही करीब 4 लाख रुपये के गहने भी थे। धीरज ने लालच में आकर न सिर्फ ये पैसे और गहने खर्च कर दिए, बल्कि जब ललिता ने सब वापस मांगा और पुलिस में शिकायत की धमकी दी, तभी उसने हत्या की साजिश रच डाली। 26 दिसंबर की शाम धीरज ललिता को घुमाने के बहाने मध्यप्रदेश के चाकघाट से उत्तरप्रदेश के शंकरगढ़ ले आया। रास्ते में उसने एक तवा खरीदा—और धवैया गांव की सुनसान जगह पर पहुंचते ही उसी तवे से ललिता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गिरने के बाद भी उसने चेहरे और गर्दन पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही ललिता की मौत हो गई। शव को झाड़ियों में फेंककर, हथियार छिपाकर वह फरार हो गया। शंकरगढ़ थाने के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपी नन्दोई धीरज को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। यह हत्या प्रेम, लालच और विश्वासघात का खौफनाक अंत साबित हुई।
बालेन्द्र कुमार बलराम
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