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कुशीनगर : बेलवनिया–बगहा पुल निरस्तीकरण से जनता में आक्रोश
ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद रौनियार
कुशीनगर। गंडक नदी पर प्रस्तावित बेलवनिया–बगहा पुल परियोजना को निरस्त किए जाने से उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। इस पुल के निर्माण से कुशीनगर जनपद के छितौनी, बेलवनिया, दरगौली, नरकहवा सहित दर्जनों गांवों तथा बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के पिपरासी प्रखंड और बगहा क्षेत्र का राष्ट्रीय राजमार्ग-727 से सीधा जुड़ाव स्थापित होता।
करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से शास्त्रीनगर के समीप प्रस्तावित इस पुल को अत्यधिक खर्च का हवाला देकर निरस्त किए जाने से क्षेत्र में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परियोजना आवागमन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अत्यंत आवश्यक थी।
छितौनी–तमकुही रेल चलाओ संघर्ष समिति ने पुल निरस्तीकरण के निर्णय का विरोध करते हुए आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। समिति अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसे किसी भी हाल में रद्द नहीं होने दिया जाएगा।
महामंत्री शैलेश यदुवंशी ने कहा कि पुल निर्माण से उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों को सीधा लाभ मिलता। संघर्ष समिति ने सड़क से सदन तक आंदोलन चलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन व जनजागरण अभियान शुरू करने की चेतावनी दी है।
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गंडक नदी पर चार लेन पुल निर्माण प्रस्ताव
गंडक नदी एवं उसके सहायक मार्गों पर चार लेन पुल के निर्माण हेतु परामर्श सेवाओं के अंतर्गत यह परियोजना प्रस्तावित की गई है। यह पुल बिहार राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग-727 के 83.00 किलोमीटर (बगहा-1) को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत बेलवनिया क्षेत्र में एनएच-727 के 122 किलोमीटर से जोड़ेगा। प्रस्तावित पुल स्थल डीपीसी मोड़ के समीप निर्धारित किया गया है। परियोजना के तहत पुल की कुल लंबाई लगभग 9.8 किलोमीटर प्रस्तावित है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्रीय विकास, व्यापारिक गतिविधियों और यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


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