माघ मेले प्रयागराज मेंपुलिस ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोका
साधु की पिटा पालकी खींचकरले गए।शंकराचार्य बिना स्नान के लौटे
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ब्यूरो प्रयागराज। प्रयागराज मेंमाघ मेला 26केके अवसर परआज उस समय बवाल हो गयाजबशंकराचार्य स्वामी अभी मुक्तेश्वर आनंद संगम में स्नान करने के लिएअपने रथ और पालकी पर सवार होकरजा रहे थे । पुलिस प्रशासन नेसंगम तट पर भीड़ अधिक होने के कारणरोक दिया। उनसे अनुरोध कियाकि यहां से वह पैदल हीउतरकर जा करके स्नान करेंक्योंकि पालकी आगे जाने परभगदड़ हो सकती है।और अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है।
शंकराचार्य जी का कहना है कि नहींवे तो एक शंकराचार्यका जो प्रोटोकॉल हैउसी के अनुसारसंगम तकपालकी से जाएंगेजिसमें पुलिस ने उनसे उनको मना किया इस पर उनके समर्थकोंने जबरदस्ती पालकी लेकरचलने लगेपुलिस ने उन्हें रोकाना चाहा लेकिन न मानने पर पुलिस नेहल्का बल प्रयोग कियाऔर उनके समर्थकों कोगिरफ्तार करकेपुलिस चौकी में ले गए।

इस परस्वामी जी भड़क गएआरोप है कि उनके एक समर्थक साधु को चौकी ले जाकर पिटाई कियाउसकी चुटिया पकड़ कर केमारा पीटाऔर संतों के साथ गुंडागर्दी की। स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद नेकहा कि उनके सारे लोगों को छोडा जाए वरना वह यहां से नहीं जाएंगे। इस पर पुलिस प्रशासन नेस्वामी समर्थकों को हिरासत में ले लियाऔर उनके रथ कोपुलिस बल के द्वाराखींचकर उनके पंडाल तकले गईऔर वहां उन्होंने छोड़ दिया।
स्वामी जी इसके विरोध मेंअपने पंडाल मेंआम रण अनशन पर बैठ गएऔर घोषणा कीकि जब तकस सम्मान प्रशासन के लोगप्रोटोकॉल के अनुसार उनको संगम में स्नाननहीं कारयेगे तब तक वह अनसन करते रहेंगे ।
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यह भी आरोप लगाया है कि पिछले महाकुंभ में हुई भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थीजिस परउन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुएप्रशासन को निर्दोष देने की कोशिश की थी इसका बदलालेने के लिए ही उन्होंने आजउनके समर्थकों के साथयह दुर्व्यवहार कियाऔर भीड़ का हवाला देते हुएउनको स्नान करने से वंचित कर दिया। इसका परिणामप्रयागराज में जुटे श्रद्धालु भविष्य मेंअवश्य देंगे।
उनके पंडाल में हजारों साधु संतों का जमावडा लगा हुआ हैऔर मामला तनावपूर्ण है। दूसरी ओर जिलाधिकारीमनीष कुमार का कहना है किस्वामी शंकराचार्यअभी मुक्तेश्वर आनंद जी नेकोई प्रशासन से अनुरोध नहीं लिया थाजबकि यह पहले हीसूचित कर दिया गया था किमाघ मेले मेंकोईसाधु संत या VIP प्रोटोकॉल नहीं लागू होगा।और वहआम जनता की सुविधा के अनुसारस्वयं भी अनुशासन रखते हुएस्नान करेंगे।लेकिन शंकराचार्य नेबिना इजाजत केपालकी लेकर के चलेऔर अनेक रुकावटों का उल्लंघन करते हुएसंगम के पास तक पहुंच गएवहां अत्यधिक भीड़ होने के कारणप्रशासन ने उनको वहीं रुकने कानिवेदन कियाऔर पैदल जाकर स्नान करने की बात कीजिस पर वह नहीं मानेऔर अड़े रहेउसके बाद। उनको शिविर में वापस किया गया।
और पुलिस या प्रशासन पर आरोप लग रहा हैइन सभी बातों की जांच कराई जाएगीयही बातमंडला आयुक्तसौम्या अग्रवालतथा पुलिस आयुक्त प्रयागराजने भी अपने बयान मेंकहा हैशंकराचार्य केद्वारा स्नान किए बिना लौटनाऔर उनके समर्थको के साथ मारपीट करने की घटना से प्रयागराज औरआसपास के लोगों मेंकाफी चिंता देखी जा रही है।यहलोगों का कहना है कि उनके साथ जानबूझकर केऐसा बर्ताव किया गया है।
दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट
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