Haryana Weather: हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली ठंड, शीतलहर का अलर्ट जारी
Haryana Weather: हरियाणा में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार जारी है और लोगों को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही। मकर संक्रांति (14 जनवरी) के मौके पर मौसम विभाग ने सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद, झज्जर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह जिलों में कोल्ड वेव को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
तापमान की बात करें तो बुधवार सुबह सोनीपत प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा हिसार में 0.5 डिग्री और गुरुग्राम में 0.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि मंगलवार की तुलना में औसत न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अब भी सामान्य से 3.2 डिग्री नीचे बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 और 16 जनवरी को कोहरे और शीतलहर का असर थोड़ा कम हो सकता है, हालांकि कुछ इलाकों में घना कोहरा और कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहेगी। 17 जनवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है। वहीं 18 और 19 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी होने और ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार 16 जनवरी तक हरियाणा में मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे रात के तापमान में गिरावट और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के कुछ इलाकों में पाले की भी संभावना जताई गई है। उन्होंने बताया कि 16 और 19 जनवरी की रात को दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिसके चलते 17 और 18 जनवरी को आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। 19 जनवरी के बाद प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हो सकती है।
इस बीच किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी भी जारी की गई है। पाले और कोहरे के असर को कम करने के लिए गेहूं, सरसों और आलू की फसलों में दोपहर के समय हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है, जबकि सुबह सिंचाई से बचने को कहा गया है। सरसों की फसल में सफेद रतुआ रोग का खतरा बढ़ने के चलते लक्षण दिखने पर 600 से 800 ग्राम मैंकोजेब को 250 से 300 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सिफारिश की गई है।
सब्जियों और चारे की फसलों को लेकर भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। पत्तेदार सब्जियों और बरसीम की कटाई सूरज निकलने और कोहरा साफ होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है, ताकि सड़न से बचा जा सके। वहीं पशुपालकों को अपने पशुओं को रात के समय ढके हुए शेड में रखने, उन्हें गुनगुना पानी पिलाने और ठंडी हवा से बचाने की हिदायत दी गई है। पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना आयोडाइज्ड नमक और खनिज मिश्रण देने की भी सलाह दी गई है।

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