नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
Haryana: हरियाणा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा का महलनुमा घर सील, बिना अनुमति निर्माण का आरोप
Haryana News: हरियाणा के सोनीपत में नगर निगम ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्ष छिक्कारा के नवनिर्मित मकान को सील कर दिया है। यह कार्रवाई महलाना रोड स्थित उस फॉर्म हाउस पर की गई, जहां निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार शाम नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और निर्माण से जुड़े अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद निगम ने मकान को सील करते हुए बाहर नोटिस चस्पा कर दिया।
नगर निगम द्वारा लगाए गए नोटिस में कहा गया है कि यह भवन बिना अनुमति और स्वीकृत नक्शे के नियमों का उल्लंघन कर बनाया जा रहा है। कार्रवाई हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 263(ए) के तहत की गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सील लगे भवन में किसी भी प्रकार का काम, दुकान, दफ्तर या व्यवसाय नहीं चलाया जाएगा और नगर निगम की अनुमति के बिना सील से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
जानकारी के अनुसार, हर्ष छिक्कारा महलाना रोड पर खेतों के बीच एक महलनुमा घर का निर्माण करवा रहे हैं। यह संपत्ति उनके साले, सिटावली निवासी योगेश की पत्नी आरती के नाम पर दर्ज बताई जा रही है। नगर निगम की टीम ने मौके पर मौजूद परिवार के सदस्यों से भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, लेकिन वे इन्हें दिखाने में असफल रहे।
इसके बाद निगम ने मकान को सील करते हुए 13 दिसंबर तक सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम का कहना है कि यदि तय समयसीमा में वैध अनुमति और नक्शा प्रस्तुत नहीं किया गया तो आगे की सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सोनीपत नगर निगम की जॉइंट कमिश्नर मीतू धनखड़ ने बताया कि यह कार्रवाई ग्रैप-3 के नियमों के उल्लंघन के तहत की गई है। वहीं, एडवोकेट कुलदीप सोलंकी का कहना है कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 263(ए) में ग्रैप के नियमों से जुड़ा ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिस पर कानूनी बहस की संभावना बन सकती है।
गौरतलब है कि हर्ष छिक्कारा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। कुछ समय पहले उनके खिलाफ आयुर्वेदिक दवाइयों के कथित भ्रामक और मानक विहीन दावों के प्रचार को लेकर मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आयुष विभाग की संयुक्त टीम ने सोनीपत में छापेमारी भी की थी।
जांच में सामने आया था कि ‘बाबा जी की बूटी’ नामक फर्म का लाइसेंस वर्ष 2023 में ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद सोशल मीडिया के माध्यम से दवाइयों के प्रचार के आरोप हर्ष छिक्कारा पर लगे थे। प्रशासन का दावा है कि इस तरह के भ्रामक प्रचार से आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ और आर्थिक धोखाधड़ी की आशंका पैदा होती है।
About The Author
imskarwasra@gmail.com
संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

Comments