Haryana: हरियाणा में मानसून से पहले सरकार अलर्ट, 637 करोड़ रुपये की 388 योजनाओं को मंजूरी
Haryana News: हरियाणा में मानसून से पहले प्रदेश में जलभराव और बाढ़ की संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हरियाणा सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी ड्रेनों की समय रहते सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी परियोजना में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ बैठक के दौरान कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में प्रदेश में जलभराव और बाढ़ की गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। इन अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार पहले से ठोस रणनीति बनाकर ड्रेनों की सफाई और बाढ़ राहत कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी पर्याप्त समय उपलब्ध है, इसलिए जहां भी समस्या की आशंका हो, वहां तुरंत आवश्यक कार्य कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने नदियों के किनारे तटबंधों को मजबूत करने और भूमि कटाव रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मजबूत स्टोन स्टड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्टड नई तकनीक से बनाए जाएं ताकि बाढ़ राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इसके साथ ही बजरी से भरे कट्टों को पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि अत्यधिक जल प्रवाह की स्थिति में तुरंत उपयोग किया जा सके।
Read More Fourlane Highway: हरियाणा में इन मार्गों को बनाया जाएगा फोरलेन, एनएचएआई ने तैयार की डीपीआरयमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि किसी भी ड्रेन से यमुना में बिना ट्रीटमेंट के पानी नहीं छोड़ा जाए। सभी आउटफॉल प्वाइंट्स को चिन्हित कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने भिवानी-घग्गर ड्रेन की क्षमता बढ़ाने के कार्य को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
Read More IAS Success Story: चाय बेचने वाले का बेटा बना IAS अफसर, बिना कोचिंग तीन बार क्रैक किया UPSC एग्जामबैठक में मुख्यमंत्री ने उन बाढ़ राहत योजनाओं की भी समीक्षा की, जो अब तक समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और जनवरी माह के अंत तक सभी योजनाओं के टेंडर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इस संबंध में जल्द ही एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।


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