उत्क्रमित मध्य विद्यालय नावाडीह में महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, वृक्षारोपण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

हज़ारीबाग,
झारखंड
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. जहांगीर अंसारी ने शिक्षकों व स्थानीय वार्ड सदस्या श्वेता ओझा के साथ मिलकर फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इसके उपरांत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानाध्यापक ने छात्रों को महात्मा फुले के जीवन, उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान पर विस्तृत रूप से जानकारी दी।
 
उन्होंने बताया कि फुले ने जातिवाद, अस्पृश्यता और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। वर्ष 1848 में फुले दंपति द्वारा लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला गया था, जिसने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम रखा। वर्ष 1873 में उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर दलितों व पिछड़े वर्ग के लिए न्याय की नई राह विकसित की।
 
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि फुले विधवा पुनर्विवाह के समर्थक थे और उन्होंने विधवाओं के आश्रय व शिक्षा के लिए विशेष प्रयास किए। डॉ. भीमराव अंबेडकर भी उन्हें अपने गुरु के रूप में सम्मानित करते थे। महात्मा फुले का निधन 28 नवंबर 1890 को हुआ था। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में शिक्षक स्वदेश कुमार ओझा, प्रभात कुमार ओझा, पंकज कुमार ओझा एवं शिक्षिका सरिता कुमारी ओझा शामिल रहीं।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें