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ग्राम पंचायत करकटी में लग रहे फर्जी बिल अधिकारी मौन
दिनेश चौधरी की ख़ास रिपोर्ट
शहडोल जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत करकटी में भ्रष्टाचार चरम पर हैं। आप को बात दे कि ग्राम पंचायत में लगातार एक से बढ़ कर एक फर्जी बिल लगाया जा रहा हैं। जहाँ एक ओर सरकार हर व्यक्ति को हर सम्भव योजना के साथ साथ व्यक्ति विशेष को लाभान्वित करने का संकल्प लिया हैं। वही पंचायत सचिव के द्वारा सभी बिलों को छोटे छोटे अमाउंट में पंचायत दर्पण सहित अन्य पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। जिससे यह साफ हो रहा कि भ्रष्टाचार किस कदर सचिव सरपंच के द्वारा मचा रखा हैं।
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य के लिए लाखों रुपए मुहैया करा रही है। जिससे ग्रामीण स्तर पर उपयोगी व सभी कार्य गुडवत्ता पूर्व हो सके। जिसमें ग्रामीणों को सुविधा मुहैया और जरूरते पूरी की जा सकें। जिसके तहत पंचायत स्तर पर शासन द्वारा चलाए गए कई योजनाएं जो ग्रामीण हित के लिए कराई जाती है, पर इस कालाबाजारी के दौर पर और मिलावट खोरी के इस दौर में हर कोई सिर्फ अपने कमिशन से मतलब रखता है। उसे निर्माण कार्य से कोई भी मतलब नहीं रहता। फिर चाहे वह किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य क्यों ना हो , कारण यह भी हैं कि अधिकारी जमीनी स्तर पर मौका मुआयना करने नहीं जाते। जिससे कि निर्माण एजेंसी और अधिकारियों की साठ-गाठ से निर्माण धीन कार्य भी अधूरा और ढहने की कगार पर हैं।
फर्जी बिलों का जमगढ़ पंचायत करकटी
ग्राम पंचायतों में राजीव जायसवाल की फर्जी बिलों का जमावड़ा लगा हुआ हैं। आपको बता दे कि हाल ही लगे दो बिल ये दर्शता हैं कि ग्राम पंचायत के बाहर 16 ट्रैक्टर मुरुम भाड़ा सहित जिसकी कीमत 15104 रुपये का बिल 16/09/25 को लगी हैं। वही दूसरी ओर 19/08/25 को रोड़ा 4000 रुपये और ट्रैक्टर भाड़ा 4000 रुपये की लागत से बिल लगाया गया हैं। लोग कहते हैं न की काम एक बिल अनेक यह कहावत सटीक तरीके से बैठती हैं। लेकिंजो सच्चाई दिखती हैं उसको कोई अनदेखा नहीं कर सकता । आपको बता दे ग्राम पंचायत के बाहर देखकर कोई यह नहीं कर सकता हैं कि दो टाली से ज्यादा मुरुम गिरा हो। पर पंचायत सरपंच सचिव की जुगाड़ इतना कि जिले में कोई ऐसा अधिकारी भी की ग्राम पंचायत करकटी का बिल रोक सके चाहे फर्जी हो या गलत

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