अनपरा के काशी मोड़ पर मिठाई की दुकान से उठ रही बदबू

गंदगी का अड्डा बनी नाली—जांच की मांग पर जिलाधिकारी तक पहुंची शिकायत

Swatantra Prabhat Reporters Picture
Published On

अनपरा नगर पंचायत का मामला

अजयंत कुमार सिंह (संवाददाता) 

अनपरा /सोनभद्र-

अनपरा नगर पंचायत क्षेत्र के काशी मोड़ पर स्थित यादव डेरी मिल्क मिष्ठान भंडार" इन दिनों नागरिकों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। प्रतिष्ठान से लगातार उठ रही असहनीय दुर्गंध और खाद्य अवशिष्टों का खुलेआम नालियों में बहाया जाना न सिर्फ क्षेत्रवासियों को बीमारियों के खतरे में डाल रहा है, बल्कि शासन की स्वच्छता योजनाओं और खाद्य सुरक्षा कानूनों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

हीरो होंडा एजेंसी के पास स्थित यह मिष्ठान भंडार जहां रोजाना मिठाइयाँ बनाई जाती हैं, वहीं से निकलने वाला कचरा और अपशिष्ट सीधे सड़क किनारे की नालियों में बहाया जा रहा है। तेज गर्मी में यह गंदगी अब महामारी को न्योता दे रही है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि आम लोग उस रास्ते से गुजरने में भी कतराने लगे हैं।

दो ब्लॉकों की जिम्मेदारी निभा रहे एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल की कार्यकुशलता को मिल रही जनता की सराहना Read More दो ब्लॉकों की जिम्मेदारी निभा रहे एडीओ पंचायत गिरजेश पटेल की कार्यकुशलता को मिल रही जनता की सराहना

शिकायत दर्ज, जांच की मांग

संदिग्ध हालत मे मिली युवक की लाश पुलिस कर रही है जांच Read More संदिग्ध हालत मे मिली युवक की लाश पुलिस कर रही है जांच

स्थानीय जागरूक नागरिक चन्दन दुबे ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र को मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से एक शिकायती पत्र भेजा है, जिसकी शिकायत संख्या 40020025004908 है। उन्होंने शिकायत में स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर पंचायत अनपरा के अधिकारियों का वर्णन कर निवेदन किया है कि तीनों विभाग को मिलाकर एक संयुक्त जांच दल बनाए जाने की मांग की है।

सोनभद्र भक्ति और अनुशासन के साथ सड़क सुरक्षा माह का भव्य समापन, मेधावी छात्र हुए सम्मानित Read More सोनभद्र भक्ति और अनुशासन के साथ सड़क सुरक्षा माह का भव्य समापन, मेधावी छात्र हुए सम्मानित

चन्दन दुबे का कहना है कि— जब मिठाई की दुकान से इस तरह की बदबू आ रही है, तो भीतर बनने वाले खाद्य पदार्थों की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है। यह सीधा आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।शिकायतकर्ता के अनुसार, गर्मी के इस मौसम में यह लापरवाही डेंगू, टाइफाइड, उल्टी-दस्त जैसी गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकती है।

उन्होंने यह भी मांग की है कि निरीक्षण के समय मीडिया को मौके पर बुलाया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक स्थिति आम जनता के सामने लाई जा सके।

प्रशासन की परीक्षा

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितना त्वरित और प्रभावी कदम उठाता है। क्या यह केवल फाइलों में सिमटकर रह जाएगी या वाकई दोषियों पर कार्रवाई होगी? गर्मी के इस मौसम में अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह समस्या पूरे इलाके को एक गंभीर स्वास्थ्य संकट में डाल सकती है।

एनालिसिस पर जनहित की चेतावनी

यदि स्वच्छता के नाम पर केवल अभियान चलाकर फोटो खिंचवाई जाती रही और ज़मीनी सच्चाई को अनदेखा किया जाता रहा, तो नालियों में बहती यह मिठाई की गंदगी किसी दिन महामारी का रूप ले सकती है।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें